गंदे पानी को लेकर उमंग सिंघार ने BJP सरकार पर किया हमला, प्रदेश की जनता से की ये अपील

उमंग सिंघार ने लिखा-इंदौर सहित प्रदेश के कई शहरों में आज भी लोगों को शुद्ध पेयजल नहीं मिल पा रहा है यही भाजपा का तथाकथित “विकास मॉडल” है, जहाँ प्रदेश की जनता बूंद-बूंद पानी को तरस रही है।
Umang Singhar

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मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी कहे जाने वाले देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर के भागीरथपुरा में गंदा पानी पीने से हुई मौतों के बाद से कांग्रेस लगातार हमलावर है, हालाँकि इस घटना के बाद से प्रदेश सरकार स्वच्छ जल अभियान चला रही है और पेज्जल के सेंपल लेकर कमियों को दूर कर रही है लेकिन हाल ही में जो आंकड़े सामने आये हैं उन्हें लेकर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सरकार पर हमला किया है।

उमंग सिंघार ने अपने X एकाउंट पर अख़बार की कटिंग शेयर की है जिसमें पानी के सेंपल को लेकर खबर है, इस खबर के मुताबिक पिछले एक सप्ताह में मध्य प्रदेश के अलग अलग शहरों में 45 हजार पानी के सेंपल लिए गए और इसमें से 349 जगह गंदा पानी मिला है, अख़बार की रिपोर्ट के मुताबिक इंदौर में अभी भी कई जगह गंदा सप्लाई हो रहा है।

यही भाजपा का तथाकथित “विकास मॉडल” है,

मध्य प्रदेश कांग्रेस ने वरिष्ठ नेता इसी खबर के हवाले से भाजपा सरकार पर हमला किया है, उन्होंने लिखा- “एक सप्ताह में 45 हजार से अधिक पानी के सैंपल लिए गए और 349 जगह गंदा पानी मिला, यह आंकड़ा नहीं, भाजपा सरकार की नाकामी का प्रमाण है। इंदौर सहित प्रदेश के कई शहरों में आज भी लोगों को शुद्ध पेयजल नहीं मिल पा रहा है यही भाजपा का तथाकथित “विकास मॉडल” है, जहाँ प्रदेश की जनता बूंद-बूंद पानी को तरस रही है।

जनता के स्वास्थ्य से खुलेआम हो रहा खिलवाड़

नेता प्रतिपक्ष ने कहा नागरिकों के स्वास्थ्य से खुलेआम खिलवाड़ हो रहा है, और स्वास्थ्य मंत्री राजनीति में भारी व्यस्त हैं, जनता की सेहत उनकी प्राथमिकता न थी – न है। उन्होंने कहा मैं प्रदेश की जनता से लगातार अपील कर रहा हूँ कि अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता दें, पानी का वाटर ऑडिट कर ही पानी का उपयोग करें।

Atul Saxena
लेखक के बारे में
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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