कोरोना संकट: इन अफसरों के जिम्मे हॉट स्पॉट बने इंदौर-भोपाल

कोरोना संकट: इन अफसरों के जिम्मे हॉट स्पॉट बने इंदौर-भोपाल

भोपाल/इंदौर।
अन्य राज्यों की तरह प्रदेश में भी कोरोना तेजी से लोगों को प्रभावित कर रहा है। आए दिन आंकड़ों में बढ़ोत्तरी हो रही है।खास करके कोरोना के हॉट स्पॉट बने भोपाल व इंदौर में तो स्थिति बेकाबू हो चली है, ऐसे में इस संकट से निपटने के लिए सरकार ने राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों को अतिरिक्त रूप से तैनात किया है। इसके अलावा भोपाल नगर निगम में भी नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के दो अधिकारियों को भेजा गया है।

दरअसल, राज्य प्रशासनिक सेवा के चार अधिकारियों को कोविड-19 के प्रबंधन व्यवस्था में सहयोग के लिये राज्य शासन ने कलेक्टर जिला इंदौर के अधीन संबद्ध किया है। इसमें भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण (रेरा) भोपाल के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी अभय अरविन्द बेडेकर, खाद्य एवं औषधि प्रशासन के संयुक्त नियंत्रक देवेन्द्र कुमार नागेन्द्र, जिला राजगढ़ के अपर कलेक्टर विशाल सिंह चौहान और सामान्य प्रशासन के अवर सचिव शाश्वत सिंह मीना शामिल हैं।वही राज्य प्रशासनिक सेवा के चार अन्य अधिकारियों को कलेक्टर जिला इंदौर के अधीन संबद्ध किया है। इसमें जिला देवास के संयुक्त कलेक्टर राजेन्द्र सिंह रघुवंशी, जिला झाबुआ के डिप्टी कलेक्टर अनिल भाना, जिला अलीराजपुर के डिप्टी कलेक्टर अखिल राठौर और जिला धार के डिप्टी कलेक्टर भूपेन्द्र रावत शामिल हैं।

इनको भोपाल का जिम्मा
इसके अलावा दो अन्य अधिकारियों को कलेक्टर जिला भोपाल के अधीन संबद्ध किया है। इसमें सामान्य प्रशासन विभाग (पूल) में पदस्थ प्रताप नारायण यादव और राज्य निर्वाचन आयोग के अवर सचिव क्षितिज शर्मा शामिल हैं।कोरोना वायरस संक्रमण में प्रशासकीय कार्य सुविधा की दृष्टि से दो अधिकारियों की पदस्थापना की गई है। रणबीर कुमार उप संचालक संचालनालय नगरीय प्रशासन एवं विकास भोपाल और एम. पी. सिंह उप मुख्य कार्यपालन अधिकारी भोपाल विकास प्राधिकरण को अपर आयुक्त नगर पालिक निगम भोपाल बनाया गया है।

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