पड़ोसी राज्यों से पहुंच रहा मुरैना-ग्वालियर में कोरोना, चुन-चुनकर संदिग्धों को निकाल रहे:गृहमंत्री

पड़ोसी राज्यों से पहुंच रहा मुरैना-ग्वालियर में कोरोना, चुन-चुनकर संदिग्धों को निकाल रहे:गृहमंत्री

भोपाल।

मध्यप्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा (Home Minister Narottam Mishra) का बड़ा बयान सामने आया है। मिश्रा ने संडे को टोटल लॉकडाउन (Total lockdown) को ज़रूरी बताया है।मिश्रा का कहना है कि रविवार को बाजारों में भीड़ बढ़ रही थी । किल कोरोना अभियान के तहत हम चुन-चुनकर कोरोना संदिग्धों को निकाल रहे हैं ।पड़ोस के राज्यों से कोरोना मुरैना, ग्वालियर में पहुंच रहा है, आज सीएम खुद पहुंच रहे हैं, वहीं ग्वालियर दौरे को उपचुनाव से दूर बताया और कहा कोरोना प्राथमिकता है।

मध्यप्रदेश में किल कोरोना अभियान (Kill Corona Expedition) से हम कोरोना पर नियंत्रण कर रहे हैं, लेकिन जिस तरह कोरोना देश-दुनिया में पांव पसार रहा है, उसकी आशंका को भांपते हुए रविवार को टोटल लॉकडाउन किया है। अनलॉक का मकसद आर्थिक गतिविधियों को पटरी पर लाना है, लोगों को सतर्कता को लेकर गंभीर होना चाहिए।

मिश्रा ने कहा कि हमारी प्राथमिकता कोरोना पर नियंत्रण करने की है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ग्वालियर, मुरैना जा रहे हैं, वहां खुद कोरोना की स्थिति की समीक्षा करेंगे।भगवान महाकाल मंदिर के शंखद्वार के शुद्धिकरण की कांग्रेस की बात राजनीतिक पाखंड है, कांग्रेस को कम से कम पवित्र धार्मिक स्थलों को लेकर इस तरह की राजनीति नहीं करनी चाहिए। कांग्रेसियों के जाने के बाद हम भी जाये तो क्या होगा।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews