मप्र में गंभीर हालत, 24 घंटे में फिर मिले 700 से ज्यादा पॉजिटिव, अब तक 791 मौतें

मप्र में गंभीर हालत, 24 घंटे में फिर मिले 700 से ज्यादा पॉजिटिव, अब तक 791 मौतें

भोपाल। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में गुजरते समय के साथ लोगों की असावधानी खतरनाक साबित होती जा रही है| कोरोना संकट (Corona Crisis) के बीच लॉकडाउन (Lockdown) से अनलॉक (Unlock) की ओर बढ़ने से तेजी से संक्रमण फैला है| जिसके चलते प्रदेश में एक बार फिर लॉकडाउन की स्थिति बन गई है| राजधानी भोपाल समेत कई जिलों में अलग अलग अवधी के लिए लॉकडाउन लगा दिया गया है| इस बीच एक बार फिर राज्य में कोरोना विस्फोट हुआ है| पिछले 24 घंटे में 736 नए पॉजिटिव मिले हैं| कुछ दिनों से यह आंकड़ा 700 के आस पास ही बना हुआ है|

संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं, मध्य प्रदेश द्वारा जारी कोरोनावायरस मीडिया बुलेटिन के मुताबिक पिछले 24 घंटे में 11286 सैंपल की जांच की गई। जिसमे 127 सैंपल रिजेक्ट हो गए। इन्हे मिलाकर अब प्रदेश कोरोना पॉजिटिव मरीजों की कुल संख्या 26200 हो गई है| वहीं 10550 सैंपल नेगेटिव और 736 सैंपल पॉजिटिव पाए गए। वहीं मौत का आंकड़ा भी लगातार बढ़ रहा है| 11 मरीजों की मौत के साथ प्रदेश में अब कोरोना से मरने वालों की संख्या 791 हो गई है| स्वस्थ हुए लोगों की संख्या 17866 है|

राजधानी भोपाल में सबसे ज्यादा 177 नए मरीज मिले हैं| बढ़ते संक्रमण को देखते हुए सरकार ने 10 दिन का लॉक डाउन कर दिया है। भोपाल में एक्टिव केस की संख्या 1481 है| वहीं इंदौर में 99 नए मामले सामने आये हैं| यहां 1705 एक्टिव केस हैं| ग्वालियर में आज 63 पॉजिटिव मिले हैं| मुरैना में 49 जबलपुर में 28 नए मामले सामने आये हैं| 14 जिलों में 100 से ज्यादा एक्टिव केस और 50 जिलों में 10 से ज्यादा एक्टिव केस दर्ज हैं|

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पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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