मध्य प्रदेश में कोरोना बेकाबू, 24 घंटे में फिर मिले 700 से ज्यादा नए केस

मध्य प्रदेश में कोरोना बेकाबू, 24 घंटे में फिर मिले 700 से ज्यादा नए केस

भोपाल| गुजरते समय के साथ कोरोना मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में विकराल रूप धारण करता जा रहा है| सरकार की ओर से लगातार कोरोना (Corona) नियंत्रण के दावे किये जाते रहे| कोरोना की रफ़्तार कुछ दिनों के लिए जरूर कम हुई| लेकिन अब इसने जो रफ़्तार पकड़ी है वो बेहद चिंताजनक है| शुक्रवार को आई रिपोर्ट में एक बार फिर 700 से अधिक नए पॉजिटिव सामने आये हैं| वहीं प्रदेश में अब कुल संक्रमितों का आंकड़ा 21 हजार के पार पहुँच चुका है|

संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं, मध्य प्रदेश द्वारा जारी कोरोनावायरस मीडिया बुलेटिन के मुताबिक पिछले 24 घंटे में 14282 सैंपल की जांच की गई जिसमें से 245 रिजेक्ट हो गए। वहीं 13578 नेगेटिव और 704 पॉजिटिव निकले। इन्हे मिलकर प्रदेश अब संक्रमितों की संख्या 21082 हो गई है। वहीं 9 लोगों की मौत के साथ ही कोरोना से जंग हारने वालों की कुल संख्या 698 हो गई है। 387 स्वस्थ हुए हैं, जिन्हे मिलकर कोरोनावायरस से जंग जीतने वालों की कुल संख्या 14514 हो गई है। मध्यप्रदेश में अब 5870 एक्टिव केस हैं|

ग्वालियर, भोपाल, इंदौर में स्थिति गंभीर
सर्वाधिक नए मामले ग्वालियर से सामने आये हैं, जहाँ 162 नए केस मिले| वहीं भोपाल और इंदौर में कोरोना विस्फोट हुआ है| भोपाल में 128 और इंदौर में 129 पॉजिटिव मिले हैं| इससे पहले गुरुवार को भी 735 नए मामले सामने आए थे|

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पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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