Coronavirus In Bhopal: अबतक का रिकॉर्ड टूटा, 1 दिन में 135 कोरोना पॉजिटिव

mp corona

3D illustration of Coronavirus, virus which causes SARS and MERS, Middle East Respiratory Syndrome

भोपाल। मध्यप्रदेश (madhypradesh) में जहां कोरोना पॉजिटिव (corona positive) मरीजों का आंकड़ा 20 हजार के करीब पहुंच गया है वही राजधानी भोपाल (bhopal) में भी हालात दिनों दिन बिगड़ते जा रहा है। यहां कोरोना का कहर तेजी से बरप रहा है। आज गुरुवार को फिर एक साथ 135 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है।इसे मिलाकर भोपाल में कोरोना का आंकड़ा 4000 हजार के करीब पहुंच गया है।वही अबतक 125 की मौत हो गई है। यह अब तक की सबसे बड़ी संख्या है। पिछले चौबीस घंटों की बात करे तो बुधवार को प्रदेश में 638 नए केस सामने आए है, वही नौ की मौत हो गई।

आज सीआरपीएफ बंगरसिया के 2 जवान, जीएमसी से 3 व्यक्ति की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। वही अशोका गार्डन, शाहपुरा, अरेरा कॉलोनी, पिपलानी, साकेत नगर, ऐशबाग, अवधपुरी समेत अलग-अलग क्षेत्रों से कई मामले सामने आए है। नए शहर और पुराने शहर के कई क्षेत्रों से भी कई संक्रमण के नए मामले सामने आए है।इसमें एक मंत्रालय में भी कर्मचारी कोरोना पॉजिटिव मिला है, जिसे मिलाकर यहां कोरोना मरीजों की संख्या 20 हो गई है।

बुधवार देर शाम भोपाल से जारी राज्य मेडिकल बुलेटिन के मुताबिक मध्य प्रदेश में कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या 19643 पर पहुंच गई है। 24 घंटे में इसमें 638 का इजाफा हुआ है। प्रदेश की कुल कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या का लगभग 64 फीसद है। मध्य प्रदेश में कोरोना से होने वाली मौतों का आंकड़ा 641 पर पहुंच गया है। इसमें भी सबसे ज्यादा इंदौर और भोपाल के नाम हैं। इंदौर में कोरोना से 278 लोगों ने दम तोड़ा तो भोपाल में 125 लोगों ने।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews