तकनीकी एवं व्यवसायिक पाठ्यक्रमों में कांउसलिंग 18 से, ऑनलाइन होगा डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन

तकनीकी एवं व्यवसायिक पाठ्यक्रमों में कांउसलिंग 18 से, ऑनलाइन होगा डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट
मध्यप्रदेश के सभी शासकीय, स्वशासी, अनुदान प्राप्त, स्ववित्तीय एवं निजी संस्थानों में तकनीकी एवं व्यवसायिक पाठ्यक्रमों में प्रवेश सत्र 2020-21 के लिए 18 अगस्त से काउंसलिंग शुरू होगी। कोरोना संकट के चलते अभ्यार्थियों के दस्तावेजों का सत्यापन ऑनलाइन ही किया जायेगा। छात्रों को केन्द्र उपस्थित नहीं होना पडेगा, पंजीयन के समय दी गई जानकारी को अपलोड किये गए दस्तावेजों से मिलान कर ऑनलाइन सत्यापन किया जायेगा।

प्रवेश सत्र 2020-21 में स्वीकृत पाठ्यक्रम 5 वर्ष एम.बी.ए./एम.सी.ए.,फार्म.डी, एकलव्य/ अम्बेडकर योजना अन्तर्गत डिप्लोमा, नॉन पी.पी.टी. डिप्लोमा, बी.डी. फार्मेसी, बैचलर ऑफ होटल मैनेजमेंट तथा बी.ई./बी.टेक.(अंशकालिक) पाठ्यक्रमों की कांउसलिंग 18 अगस्त 2020 से प्रारंभ होगी।

सितम्बर माह में एन.आर.आई (बी.ई./बी.टेक/बी.आर्क) पाठ्यक्रमों की काउसलिंग 5 सितम्बर 2020, बी.ई./बी.टेक (पूर्णकालिक) की 10 सितम्बर, एम.बी.ए.(पूर्णकालिक/अशंकालिक) तथा एम.सी.ए. की 15 सितम्बर, बी.आर्क, एम.फार्मसी, एम.ई/एम.टेक (पूर्णकालिक/अंशकालिक) की 16 सितम्बर, इंजीनियरिंग डिप्लोमा (प्रवेश परीक्षा आधारित)17 सितम्बर, लेटरल एंट्री (बी.ई/बी.फार्मेसी) 21 सितम्बर तथा एम.आर्क की काउसलिंग 1 अक्टूबर 2020 को संभावित है।

ऑनलाइन कांउसलिंग से संबंधित सभी जानकारी काउसंलिंग प्रक्रिया, सहायता केन्द्रों की सूची, पाठ्यक्रमवार संस्थाओं की सूची, समय-सारणी आदि वेबसाइटhttps://dte.mponline.gov.in पर उपलब्ध है।

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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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