साइबर फ्रॉड में रिकवरी 1 प्रतिशत से भी कम, कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह ने पुलिस और बैंक के बीच समन्वय पर उठाये सवाल

साइबर फ्रॉड के आरोपियों को मध्य प्रदेश की पुलिस दूसरे राज्यों से पकड़कर लाने में तो अव्वल है लेकिन उनसे ठगी गई राशि निकलवाने में उसे सफलता नहीं मिल पाती, पिछले चार सालों में जितनी साइबर ठगी हुई उसमें से 1 प्रतिशत से भी कम की रिकवरी हो पाई है यानि लोगों की गाढ़ी कमी ठग हजम कर गए हैं
Jaivardhan

डिजिटल ट्रांजिक्शन के बढ़ते चलन के बीच डिजिटल फ्रॉड यानि साइबर फ्रॉड के मामलों में वृद्धि हुई है, जनता की सुविधा के लिए शुरू की गई डिजिटल इंडिया सुविधा को ठग अपना हथियार बनाकर लोगों को ठग रहे हैं, कांग्रेस विधायक के सवाल पर इसमें एक चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है जो चिंता में डालने वाली बात है।

मध्य प्रदेश कांग्रेस के विधायक जयवर्धन सिंह ने विधानसभा में प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव से जो गृह मंत्री भी है साइबर फ्रॉड से जुड़ा एक सवाल पूछा, जिसके जवाब में उन्होंने बताया कि सन 2021 से 2025 के बीच प्रदेश में हुए साइबर फ्रॉड में 1 हजार 54 करोड़ रुपये का फ्रॉड हुआ है जिसमें से 1 करोड़ 94 लाख रुपये की रिकवरी हुई है।

रिकवरी में कमी पर भड़के जयवर्धन सिंह

मीडिया से बात करते हुए विधायक जयवर्धन सिंह ने इसे बहुत चिंताजनक बताया कि रिकवरी 1 प्रतिशत से भी कम हुई है, उन्होंने कहा कि गृह मंत्री के उत्तर से स्पष्ट है कि हमारी पुलिस साइबर ठगों से जनता का ठगा पैसा निकलवाने में अक्षम है इसपर चर्चा होनी चाहिए।

कहाँ कमी है पुलिस विफल क्यों है सरकार जवाब दे 

कांग्रेस विधायक ने कहा सरकार को इसपर गंभीरता से सोचना चाहिए कि ऐसा क्यों हो रहा है कहाँ कमी है, संसाधनों  की कहाँ कमी है उसे दूर किया जाये उन्होंने कहा मैं पत्र लिखूंगा और पूछूंगा की हमारी पुलिस रिकवरी में फेल क्यों हो रही है।

पुलिस और बैंक के बीच नहीं है समन्वय 

जयवर्धन सिंह ने कहा कि यहाँ बड़ा सवाल ये है कि पुलिस ठगी के बाद ये पता लगा लेती है कि ठगी का पैसा किस बैंक एकाउंट में गया है लेकिन पुलिस उसे रिकवर नहीं कर पाती क्योंकि उसके पास कोई ऐसा सिस्टम नहीं है बैंक से सहयोग नहीं मिल पाता इनके समन्वय पर सरकार को काम करना चाहिए।

[dgv_vimeo_video id=”1107382946″]

Atul Saxena
लेखक के बारे में
Atul Saxena

पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
Follow Us :GoogleNews