मप्र में कोरोना से मौत का आंकड़ा 500 पार, 142 नए पॉजिटिव मिले

मप्र में कोरोना से मौत का आंकड़ा 500 पार, 142 नए पॉजिटिव मिले

भोपाल। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में कोरोना (Corona) का कहर जारी है| हालाँकि अब राजधानी भोपाल (Bhopal) के लिए राहत है, जहां लगातार 50 से अधिक नए केस रोज सामने आ रहे थे| शनिवार को यहां 20 नए कोरोना पॉजिटिव (Corona Positive) मिले| वही इंदौर (Indore) में अभी भी कोरोना का ग्राफ नीचे नहीं आ रहा है| यहां 42 नए मामले सामने आये हैं| प्रदेश में कोरोना से मौत का आंकड़ा 500 के पार पहुँच चूका है|

पिछले 24 घंटे में 6523 सैंपल की जांच की गई जिसमें से 140 रिजेक्ट हो गए। वहीं 6381 नेगेटिव और 142 पॉजिटिव निकले। इसी के साथ मध्यप्रदेश में अब तक संक्रमित हुए मरीजों की संख्या 11724 हो गई है| पिछले 24 घंटे में मध्यप्रदेश में 6 मरीजों की दुखद मृत्यु हुई और इसी के साथ मध्यप्रदेश मेंकोरोना के कारण मरने वालों की संख्या 501 हो गई। स्वस्थ हुए मरीजों की संख्या 8880 पहुँच गई है, वहीं 2343 मरीज अस्पतालों में इलाज करवा रहे हैं।

इंदौर में एक बार फिर संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। इंदौर में संक्रमित मरीजों की मृत्यु का आंकड़ा सबसे ज्यादा है। आज की रिपोर्ट में भी 4 मरीजों की मृत्यु दिखाई गई है। पूरे मध्यप्रदेश में 501 मरीजों की मृत्यु हुई जिसमें से 193 इंदौर के हैं। इंदौर में 42 नए पाॅजिटिव मरीज मिले हैं। इसके साथ ही जिले में संक्रमितों की संख्या 4288 पहुँच गयी है। इंदौर में कोरोना के 927 एक्टिव केस हैं।

Gaurav Sharma
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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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