फिर दिखा कांग्रेस के जय-वीरू का दोस्ताना, दिग्विजय सिंह बोले ‘कमलनाथ से 50 साल के पारिवारिक संबंध, मतभेद रहा मनभेद नहीं’

इन दो नेताओं में पचास साल पुराने पारिवारिक संबंधों के साथ पचास साल पुराने राजनीतिक संबंध भी हैं। ये कहना भी अतिशयोक्ति नहीं कि राजनीति ही वो आधार है जिसपर इनकी दोस्ती परवान चढ़ी है। और राजनीति में उतार-चढ़ाव न हो..ऐसा बहुत मुश्किल है। इससे पहले भी कई बार दोनों नेताओं के बीच मतभेद की खबरें आई और फिर सुलह भी होती रही है। अब फिर तमाम अटकलों को विराम देते हुए ये दोनों एक साथ नज़र आए हैं।
Digvijaya Singh Kamal Nath

Digvijaya Singh Kamal Nath together

एक महीने पहले कांग्रेस के दो दिग्गज नेता, दोनों मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और जिनके हाथों में लंबे समय से एमपी कांग्रेस की कमान रही है..उनके बीच मनमुटाव की खबरें आम हुई थीं। दिग्विजय सिंह और कमलनाथ के लगभग पचास साल पुराने रिश्ते में दरार पड़ती नज़र आ रही थी। लेकिन उन सारी आशंकाओं को निर्मूल साबित करते हुए एक बार फिर ये दोनों एक साथ एक तस्वीर में एक-दूसरे के कंधे पर हाथ रखे दिखाई दिए हैं।

इसी के साथ दिग्विजय सिंह ने ये भी स्पष्ट किया है कि उनके बीच ‘छोटे-मोटे मतभेद’ भले रहे हों..’मनभेद’ नहीं है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा है कि ‘हमारा सारा राजनैतिक जीवन कांग्रेस में रहते हुए विचारधारा की लड़ाई एक जुट हो कर लड़ते हुए बीता है और आगे भी लड़ते रहेंगे।’

कमलनाथ और दिग्विजय सिंह के बीच क्यों हुआ मतभेद!

लगभग एक महीने पहले एक बार फिर तत्कालीन कमलनाथ सरकार गिरने का जिन्न बाहर आ गया था। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने एक बातचीत के दौरान कहा था कि उस समय ज्योतिरादित्य सिंधिया को लगता था कि दिग्विजय सिंह सरकार चला रहे हैं। वहीं, दिग्विजय सिंह ने कहा कि कमलनाथ और ज्योतिरादित्य सिंधिया के बीच विचारधारा के नहीं बल्कि व्यक्तिगत मतभेद थे।

हरदीप सिंह डंग ने भी लगाए आरोप

वहीं, ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ कांग्रेस से बीजेपी में आए हरदीप सिंह डंग ने भी कई आरोप लगाए थे। उन्होंने कहा कि कमलनाथ और दिग्विजय सिंह दोनों अच्छी तरह जानते हैं कि उन्होंने किस प्रकार पंद्रह महीने कांग्रेस सरकार चलाई है। डंग ने कहा कि ‘उस समय कांग्रेस में कई विधायकों की उपेक्षा की गई और गिरोह बनाकर सरकार बनाने का काम हो रहा था। पाँच-साल लोग मिलकर गिरोह बनाकर सरकार चला रहे थे उसका नतीजा ये हुआ कि सिर्फ उनकी ही बात मानी जाती बाकी सबको चलता कर दिया जाता। उसके दोषी कमलनाथ और दिग्विजय सिंह दोनों हैं।’ याद दिला दें कि कमलनाथ के मुख्यमंत्री रहते तत्कालीन मंत्री उमंग सिंघार ने भी इसी तरह के आरोप लगाए थे।

दोनों दिग्गज फिर एक साथ नज़र आए

लेकिन अब एक बार फिर दिग्विजय सिंह और कमलनाथ एक साथ नज़र आ रहे हैं। न सिर्फ उनकी साथ में तस्वीर सामने आई है बल्कि दिग्विजय सिंह ने बाकायदा स्पष्टीकरण भी दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर दोनों की फोटो साझा करते हुए लिखा है कि ‘कमल नाथ जी और मेरे लगभग 50 वर्षों के पारिवारिक संबंध रहे हैं। हमारे राजनैतिक जीवन में उतार चढ़ाव आते रहे हैं और ये स्वाभाविक भी हैं। हमारा सारा राजनैतिक जीवन कांग्रेस में रहते हुए विचारधारा की लड़ाई एक जुट हो कर लड़ते हुए बीता है और आगे भी लड़ते रहेंगे। छोटे मोटे मतभेद रहे हैं। हम दोनों को कांग्रेस पार्टी नेतृत्व ने खूब अवसर दिए और जनता का प्यार सदैव मिलता रहा है। आगे भी हम मिल कर जनता के हित में कांग्रेस के नेतृत्व में सेवा करते रहेंगे।’

इस तरह दिग्विजय सिंह और कमलनाथ के बीच कथित नाराजगी के प्रकरण का पटाक्षेप होता नज़र आ रहा है। लेकिन सब जानते हैं कि राजनीति में मतभेद, विरोध, दोस्ती, दुश्मनी कुछ भी अनायास या अकारण नहीं होते। ऐसे में ये तस्वीर और स्टेटमेंट किसी नई रणनीति का हिस्सा है या वास्तव में दो पुराने नेताओं के सौहार्द्र की मिसाल…ये सवाल उठना तो लाज़मी है।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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