कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने बीजेपी की वरिष्ठ नेता उमा भारती का धन्यवाद दिया है। उन्होंने उमा भारती का एक वीडियो शेयर किया है और उसमें उनके द्वारा कही गई बातों के लिए आभार जताते हुए कहा कि आप ऐसे ही भाजपा और संघ कार्यकर्ताओं को सही रास्ता दिखाते रहिए।
उमा भारती इस वीडियो में अपने उसी खास अंदाज़ में नज़र आ रही हैं जिसके लिए वे जानी जाती हैं। इसमें वो बीजेपी, आरएसएस और बजरंग दल कार्यकर्ताओं के नसीहत दे रही हैं कि श्रीराम और हनुमान जी न को बीजेपी कार्यकर्ता हैं न ही उनकी भक्ति पर किसी का कॉपीराइट है। ये वीडियो कुछ साल पुराना है जिसमें वे कह रही हैं रामभक्त, हनुमान भक्त और देशभक्त कोई भी हो सकता है और बीजेपी वालों को इसे लेकर किसी तरह का भ्रम नहीं पालना चाहिए।
दिग्विजय सिंह ने उमा भारती को कहा ‘धन्यवाद’
आमतौर पर एक दूसरे के खिलाफ खड़े रहने वाले विरोधी राजनीतिक दलों के नेता सामने वाले की आलोचना करते हुए ही दिखाई आते हैं। लेकिन कभी कभी संदर्भवश दृश्य बदला हुआ भी नजर आता है और ऐसा ही कुछ हुआ जब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने बीजेपी की वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती को सार्वजनिक रूप से धन्यवाद दिया है। अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर उन्होंने उमा भारती का एक वीडियो शेयर करते हुए लिखा है कि “धन्यवाद उमा जी। बीजेपी, आरएसएस और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं को समय समय पर इसी प्रकार की नसीहत देती रहें। जय सिया राम।”
जानिए उमा भारती ने इस वीडियो में क्या कहा है
हालांकि ये वीडियो कुछ साल पुराना है जिसमें उमा भारती बीजेपी कार्यकर्ताओं को ये नसीहत देती सुनाई दे रही हैं कि श्रीराम और हनुमान जी न तो भाजपा कार्यकर्ता हैं न ही उनकी भक्ति पर भाजपाइयों का कॉपीराइट है। वे कह रही हैं कि “भगवान राम और हनुमान भी बीजेपी के कार्यकर्ता नहीं हैं। जब बीजेपी का अस्तित्व नहीं था..जनसंघ नहीं था..पॉलिटिकल सिस्टम नहीं थे..मुगलों का शासन था तब भी हनुमान जी थे। अंग्रेजों का शासन था तब भी हनुमान जी थे। और जब कलयुग के प्रारंभ के पहले द्वापर था तब भी हनुमान जी और राजा रामचंद्र जी थे। अगर हम बीजेपी वालों ने ये भ्रम पाल लिया कि हमने आंखें खोली तो सूरज चाँद निकल आए हैं..तो फिर हमारे लिए विनाशकारी साबित हो जाएगा। आपको याद हो जब रामजन्मभूमि में मंदिर निर्माण के लिए कुछ कांग्रेस के नेताओं ने चंदा दिया तो बीजेपी के लोगों ने उनका मखौल उड़ाया। मैंने तुरंत कहा..खबरदार जो रामभक्ति का मखौल उड़ाया किसी ने। रामभक्ति पर आपने कॉपीराइट नहीं कर लिया है अपना। राम का भक्त कोई भी हो सकता है। हनुमान भक्त कोई भी हो सकता है। देश भक्त कोई भी हो सकता है। हम भी हैं ये सत्य है लेकिन दूसरा भी हो सकता है।”






