जिला शिक्षा अधिकारियों के रिक्त पद शीघ्र भरे जायेंगे, लोक शिक्षण संचालनालय ने जारी किया आदेश

प्रदेश में तबादले चल रहे हैं अधिकारियों कर्मचारियों को एक जगह से दूसरी जगह भेजा जा रहा है इसके लिए अतिम तारीख बढ़ाकर 10 जून कर दी गई है, उधर शासन विभागीय स्तर पर भी पदों की पूर्ति कर रहा है जिससे प्रशासनिक व्यवस्था को सुदृढ  किया जा सके। 
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मध्य प्रदेश में इस समय तबादलों का दौर जारी है, अलग अलग विभाग रोज कर्मचारियों और अधिकारियों के तब्दला आदेश जारी कर रहे हैं इस बीच रिक्त पदों को विभागीय स्तर पर ही भरने की प्रक्रिया भी चल रही है इसी क्रम में शिक्षा विभाग ने प्रदेश के जिलों में खाली पड़े जिला शिक्षा अधिकारियों के पदों को भरने की प्रक्रिया शुरू कर दी है

संचालक लोक शिक्षण संचालनालय केके द्विवेदी ने प्रदेश के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी किया है जिसमें उन्होंने कहा है कि प्रशासनिक कार्य सुविधा की दृष्टि से जिला शिक्षा अधिकारियों के पदों की पूर्ति हेतु संचालनालय स्तर पर परीक्षण समिति गठन किया गया है।

इच्छुक लोकसेवकों को 5 जून को भोपाल बुलाया 

संचालक ने कहा कि परीक्षण प्रकिया में भाग लेने के लिए पत्र के साथ संलग्न सूची के अनुसार आपके जिला अन्तर्गत कार्यरत सभी लोक सेवकों से संलग्न प्रारूप में सहमति/असहमति प्राप्त कर संचालनालय को अवगत करायें। जिन लोक सेवकों द्वारा सहमति प्रदाय की गई है उन्हें दिनांक 05 जून 2025 को प्रातः 10:00 बजे संचालनालय लोक शिक्षण भोपाल में उपस्थित होने होने के लिए निर्देशित करें।

संचालनालय ने ई मेल पर मांगी जानकारी 

संचालनालय ने कहा संबधित लोक सेवकों से प्राप्त सहमति/असहमति पत्र संचालनालय की ई मेल-est1-dpi@mp-gov.in पर तत्काल भिजवाना सुनिश्चित करें। साथ ही सहमत लोक सेवकों की विभागीय जांच, आपराधिक प्रकरण, लोकायुक्त प्रकरण, ईओडब्ल्यू आदि की स्थिति में जिला शिक्षा अधिकारी जानकारी उपलब्ध करायें।

10 जून तक होंगे प्रदेश में तबादले 

आपको बता दें कि प्रदेश में तबादले चल रहे हैं अधिकारियों कर्मचारियों को एक जगह से दूसरी जगह भेजा जा रहा है इसके लिए अतिम तारीख बढ़ाकर 10 जून कर दी गई है , इस बीच शासन विभागीय स्तर पर भी पदों की पूर्ति कर रहा है जिससे प्रशासनिक व्यवस्था को सुदृढ  किया जा सके।

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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