डॉ मोहन यादव सरकार की तैयारी, सिंहस्थ से पहले मिलेगी सौगात, 894 करोड़ रुपये की लागत से बनेगा इंदौर-उज्जैन 6 लेन हाईवे

CM Dr Mohan Yadav

Simhastha 2028 :  देश में इस समय भक्ति का माहौल है, मध्य प्रदेश भी भक्तिरस में डूबा हुआ है, इसी बीच मध्य प्रदेश के और यहाँ आने वाले भक्तों को प्रदेश के मुखिया एक बड़ी सौगात मिलने जा रही है, सरकार ने फैसला लिया है सिंहस्थ से पहले 6 लेन का इंदौर–उज्जैन हाईवे बनाया जायेगा, इसके लिए सरकार ने तैयारी शुरू कर दी है।

मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के निर्देश के बाद लोक निर्माण विभाग के अधिकारी इस काम में जुट गए हैं, इंदौर-उज्जैन 6 लेन हाईवे इंदौर के अरविंदो कॉलेज गेट से शुरू होगा और उज्जैन के हरिफाटक चौराहे तक रहेगा इसकी कुल लंबाई 45.47 किलोमीटर रहेगी, इसमें एक फ्लाई ओवर उज्जैन शहर में बनाया जायेगा।

PWD के अधिकारी तैयारियों में जुटे 

मुख्यमंत्री डॉ यादव के निर्देश के बाद अधिकारी इस काम में जुट गए हैं लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधिकारी इंदौर और उज्जैन के स्थानीय प्रशासन के अधिकारियों के साथ बैठक कर कार्ययोजना को अंतिम रूप दे रहे हैं,बताया जा रहा है नकि इंदौर – उज्जैन 6 लेन हाईवे पर 894 करोड़ रुपये की लागत आएगी।

स्टेट हाईवे संख्या 59 इंदौर-उज्जैन बनेगा 6 लेन

उल्लेखनीय है कि महाकाल लोक बन जाने के बाद से इंदौर उज्जैन रूट पर यात्रियों की संख्या बढ़ गई है, सिंहस्थ में इसके कई गुना बढ़ने की उम्मीद है जिसे देखते हुए लोक निर्माण विभाग ने स्टेट हाईवे संख्या 59 इंदौर-उज्जैन को 6 लेन का बनाने का प्रस्ताव तैयार किया है और इसपर काम शुरू कर दिया है।

हाईवे पर 894 करोड़ रुपये की लागत का अनुमान   

बताया जा रहा है कि इसपर अनुमानित लागत 894 करोड़ रुपये आएगी इसमें से 40 प्रतिशत राशि राज्य सरकार लगाएगी और शेष राशि निर्माण एजेंसी द्वारा खर्च की जाएगी, विभाग के अधिकारियों का कहना है कि सैद्धांतिक सहमति के बाद अब प्रस्ताव प्रशासकीय और वित्तीय स्वीकृति के लिए भेजा जायेगा इसके बाद बजट का प्रावधान होने के बाद निविदा आमंत्रित की जाएगी ।

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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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