मध्य प्रदेश सरकार दूध उत्पादन के क्षेत्र में प्रदेश को देश में नंबर एक बनाने के प्रयास कर रही है, मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की मंशा के अनुसार पशुपालन एवं डेयरी विभाग कई तरह की योजनायें चला रहा है जिसकी मदद से दूध उत्पादन बढ़ रहा है और पशुपालकों को लाभ हो रहा है, इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है दुग्ध समृद्धि अभियान जिसके तीसरे चरण की शुरुआत होने वाली है।
पशुपालकों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए प्रदेश सरकार लगातार प्रयास कर रही है, शासन का पशुपालन एवं डेयरी विभाग इस कड़ी में “दुग्ध समृद्धि संपर्क अभियान” चला रहा है, इस अभियान के तहत विभाग के अधिकारी कर्मचारी पशुपालकों को उनके पशुओं के देखभाल करने, उन्हें स्वस्थ रखने सहित उनकी अन्य जिज्ञासाओं का समाधान करते हैं।
13 जुलाई से दुग्ध समृद्धि संपर्क अभियान का तीसरा चरण
अभियान के दो चरण हो चुके हैं अब तीसरा चरण शुरू होने वाला है, पशुपालन एवं डेयरी विभाग के अधिकारियों के मुताबिक 13 जुलाई से दुग्ध समृद्धि संपर्क अभियान का तीसरा चरण शुरू होगा, ये अभियान 6 दिन का रहेगा लेकिन जरुरत पड़ने पर इसे 9 दिन तक किया जा सकता है।
अधिकारी कर्मचारी घर आकर देंगे जानकारी
अभियान के तीसरे चरण के तहत पशुपालन एवं डेयरी विभाग के अधिकारी कर्मचारी पशुपालकों के घर पहुंचेंगे और उन्हें नस्ल सुधार के तरीके, पशुओं के पोषण उनके टीकाकरण एवं सेक्स सॉर्टेड सीमेन के बारे में जानकारी देंगे जिससे उनके पशु स्वस्थ बने रहें और दूध उत्पादन में भी वृद्धि हो सके।
5 लाख 72 हजार पशुपालकों से घर जाकर भेंट करने का लक्ष्य
अभियान के तीसरे चरण के कार्यक्रम के मुताबिक अधिकारी कर्मचारी तीन चार पशु (गौवंश-भैंसवंश) रखने वाले पशुपालकों के घर जाकर उनसे भेंट करेंगे, जो कर्मचारी अधिकारी घर पहुंचेंगे और जो जानकारी देंगे उन्हें उसके लिए प्रशिक्षित किया गया है, अभियान के तहत इस तीसरे चरण में प्रदेश के 5 लाख 72 हजार पशुपालकों से घर जाकर भेंट करने का लक्ष्य रखा गया है।






