राज्य पुलिस सेवा के 8 अधिकारी IPS संवर्ग में पदोन्नत होंगे

राज्य पुलिस सेवा के 8 अधिकारी IPS संवर्ग में पदोन्नत होंगे

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भोपाल। राज्य पुलिस सेवा (state police service) के 8 अधिकारी आईपीएस (IPS) संवर्ग में पदोन्नत किये जाएंगे। इसके लिये केंद्र सरकार (central government) ने मंजूरी दे दी है। राज्य सरकार ने इस बाबत केंद्र को पदोन्नति (promotion) संबंधी प्रस्ताव भेजा था, जिसपर केंद्र ने मुहर लगा दी है और अब गृह विभाग ने पुलिस मुख्यालय को इस संबंध में प्रस्वात तैयार करने को कहा है। संभावना है कि अप्रेल-मई में संघ लोकसेवा आयोग की डिपार्टमेंट प्रमोशन कमेटी की बैठक हो सकती है और वहां एक पद के लिये तीन अधिकारियों के नाम का प्रस्ताव रखा जाएगा।

इस बार राज्य पुलिस सेवा (state police service) के 1995-96 बैच के अधिकारियों के नामों पर विचार किया जाएगा, वर्ष 2019 में 1995 बैच के सिद्धार्थ चौधरी को आईपीएस (IPS) पद पर प्रमोट हो चुके हैं। केंद्र सरकार द्वारा स्वीकृति मिलने के बाद अब प्रदेश में राज्य पुलिस सेवा के 8 अधिकारियों के आईपीएस बनने का रास्ता साफ हो गया है।

Gaurav Sharma
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पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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