दिग्विजय का वार, ‘शिवराज को शराब की चिंता, मजदूरों की नहीं’

दिग्विजय का वार, ‘शिवराज को शराब की चिंता, मजदूरों की नहीं’

भोपाल| लॉकडाउन (Lockdown) के बीच मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) की शिवराज सरकार (Shivraj Government) ने शराब दुकानों को खोलने की अनुमति दी है| सरकार के इस फैसले को लेकर बवाल मचा हुआ है| कांग्रेस ने इस फैसले पर आपत्ति जताते हुए सरकार की घेराबंदी शुरू कर दी है| पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह (Digvijay Singh) ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh chauhan) पर ट्वीट कर हमला बोला है| उन्होंने कहा कि शिवराज को शराब दुकानों की चिंता है मजदूरों की नहीं|

शराब दुकानों को खोलने की अनुमति देने के सर्कार के फैसले को लेकर दिग्विजय सिंह ने ट्वीट किया है| उन्होंने ट्वीट कर लिखा-‘कोरोना के लॉकडाउन में शिवराज जी को शराब की दुकानों की अधिक चिंता है मध्य प्रदेश के मजदूरों को अन्य प्रदेशों से लाने की चिंता नहीं है। बेचारे कर्नाटक से गुजरात से महाराष्ट्र से राजस्थान से दिल्ली से हरियाणा से और अन्य स्थानों से पैदल चले आ रहे हैं उनकी चिंता नहीं है। शर्म करो’।

दूध और शराब में से, शराब को चुना मदहोश मामा ने
पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता सज्जन सिंह वर्मा (sajjan singh verma) ने भी मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान(shivraj singh chouhan) को आड़े हाथ लिया है। कांग्रेस नेता ने कहा है कि पता नहीं सरकार को सत्ता का नशा है या शराब का। सरकार दूध और शराब में से शराब को चुन रही है। वहीं उन्होंने प्रदेश की महिलाओं से कहा है कि वह अपने इलाके के हर शराब दुकान को बंद करवाने के लिए आगे आएं। सोशल मीडिया पर जारी एक वीडियो में पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने मुख्यमंत्री शिवराज पर तंज कसते हुए कहा कि पता नहीं उन्हें सत्ता का नशा चढ़ा है या फिर शराब का। उन्होंने शिवराज सिंह चौहान पर आरोप लगाते हुए कहा है कि सरकार द्वारा दादागिरी से शराब ठेकेदारों को डराकर प्रदेश में शराब दुकानें खुलवाई गई है। पूर्व मंत्री वर्मा ने कहा कि अभी शराब से ज्यादा मूल्यवान वस्तु दूध है। जिसके कारण छोटे-छोटे बच्चे बिलख रहे हैं। प्रदेश की माताएं परेशान है। वह अपने बच्चे को दूध तक उपलब्ध नहीं करवा पा रही हैं।

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निदेशक और संपादक

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