फर्जी पत्रकारों ने व्यापारी पर 50 हज़ार की डाली अड़ी, सीसीटीवी में कैद

फर्जी पत्रकारों ने व्यापारी पर 50 हज़ार की डाली अड़ी, सीसीटीवी में कैद

भोपाल| लॉकडाउन (Lockdown) के बीच राजधानी भोपाल (Bhopal) में चार फर्जी पत्रकारों द्वारा किराना व्यापारी को धमकाकर अड़ीबाजी करने का मामला सामने आया है| गुटखा महंगा बेचने पर डीआजी, कलेक्टर और टीआई से पहचान बताकर आरोपियों ने व्यापारी को धमकाया और 15 हजार रुपए ले गए| फ़र्ज़ी पत्रकारों द्वारा धमकाने अड़ीबाजी की घटना सीसीटीवी में कैद हुई है|

जानकारी के मुताबिक अशोका गार्डन थाना के पास किराना दुकान में चार लोगों ने खुद को पत्रकार बताते हुए व्यापारी से अड़ीबाजी करते हुए धमकाया| यह लोग टीआई, डीआईजी कलेक्टर की पहचान बताकर एक फोन पर बुलाने का बोलकर डरा धमका कर 50 हजार की मांग करने लगे| व्यापारी पर दबाव डालकर शातिर 15 हजार रुपए ले गए| अड़ीबाजी का यह मामला सीसीटीवी में कैद हुआ है|

Gaurav Sharma
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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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