फॉलन आउट अतिथि विद्वानों को रिक्त पदों के विरुद्ध विकल्प प्रस्तुत करने की सुविधा,उच्च शिक्षा विभाग ने जारी किये आदेश

आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि मैरिट में आने की स्थिति में महाविद्यालय का आवंटन एवं महाविद्यालय में आमंत्रण न्यायालयीन प्रकरणों में पारित अंतिम निर्णय के अध्याधीन रहेगा। 
guest faculty

मध्य प्रदेश के उच्च शिक्षण संस्थानों में नए शिक्षण सत्र में विद्यार्थियों की पढ़ाई सुचारू रूप से चले इसके लिए राज्य शासन महाविद्यालयों में नियमित पदस्थापना कर रहा है साथ ही स्थान्तरण से पदों की पूर्ति भी कर रहा है ऐसे में वहां पढ़ा रहे अतिथि विद्वान फॉलन आउट किये जा रहे हैं लेकिन अब शासन ने फॉलन आउट हुए अतिथि विद्वानों को एक सुविधा प्रदान की है।

उच्च शिक्षा विभाग में शासकीय महाविद्यालयों में नियमित पदस्थापना और स्थानांतरण से पदपूर्ति होने के फलस्वरूप फॉलन आउट होने वाले अतिथि विद्वानों को पोर्टल पर रिक्त पदों के विरूद्ध विकल्प प्रस्तुत करने की सुविधा उपलब्ध कराई है। आयुक्त उच्च शिक्षा ने इस सम्बन्ध में आदेश जारी किए हैं।

वंचित योग्यता रखने वाले फॉलन आउट अतिथि विद्वान के लिए खुला पोर्टल 

उच्च शिक्षा विभाग ने अपने आदेश में कहा है कि ऐसे अतिथि विद्वान जो नियमित पदस्थापना/स्थानांतरण से पदपूर्ति होने के फलस्वरूप फॉलन आउट हुये है तथा संबंधित पदों पर कार्य करने के लिये विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के विनियम 2018 एवं समय-समय पर किये गये संशोधन पर उल्लेखित मापदण्डों के अनुरूप वांछित योग्यता धारक हैं, उनके लिए पोर्टल पर विकल्प प्रस्तुत करने की सुविधा उपलब्ध है।

इन अतिथि विद्वानों को भी विकल्प प्रस्तुत करने की सुविधा 

उच्च न्यायालय द्वारा दो प्रकरणों में पारित अंतरिम निर्णय के पालन में नियमित पदस्थापना/स्थानांतरण से पदपूर्ति होने के फलस्वरूप फॉलन आउट हुए ऐसे अतिथि विद्वान जो विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा संबंधी विनियम 2018 एवं समय-समय पर किये गये संशोधन पर उल्लेखित मापदण्डों के अनुरूप वांछित योग्यता धारक नहीं है, उनके लिए भी पोर्टल पर विकल्प प्रस्तुत करने की सुविधा उपलब्ध है।

Atul Saxena
लेखक के बारे में
Atul Saxena

पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
Follow Us :GoogleNews