प्रदेश के किसानों को आज मिलेगी 2900 करोड़ से अधिक राशि, एक क्लिक में जाएंगे खाते में

प्रदेश के किसानों को आज मिलेगी 2900 करोड़ से अधिक राशि, एक क्लिक में जाएंगे खाते में

भोपाल

गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा (home minister narottam mishra) ने श्रमिक दिवस (labour day) की शुभकामनाएं देते हुए तमाम श्रमिकों का आभार व्यक्त किया है। उन्होने कहा है कि आज के कठिन समय श्रमिक (labours) जिस धैर्य और संयम का परिचय दे रहा है वह सराहनीय है। उन्होने कहा कि देश के श्रमिकों ने श्रम के बाद संयम की नई परिभाषा गढ़ी है। अन्य प्रदेशों में फंसे हुए करीब 35 हजार श्रमिक लौटकर प्रदेश आ चुके हैं और मध्यप्रदेश से अन्य राज्यों में 30 हजार श्रमिक जा चुके हैं। मनरेगा के तहत 8 लाख श्रमिकों को काम दे दिया गया है और एक-एक हजार सबके खाते में डाले जा चुके हैं।

वहीं किसानों को लेकर उन्होने कहा कि शिवराज सिंह चौहान (shivraj singh chauhan) किसान पुत्र हैं और वो हमेशा किसानों (farmers) के हित के लिये कार्य करते हैं। उन्होने कहा कि आज दोपहर ही सीएम (cm) द्वारा किसानों को बीमा राशि के 2990 करोड़ (2990 crores) मिलेंगे और एक क्लिक (one click) से ये पैसा उनके खाते में पहुंच जाएगा। वहीं उन्होने कांग्रेस (congress) के आरोपों पर पलटवार करते हुए पूछा है कि अगर कांग्रेस सरकार ने अपने शासनकाल में एक किसान का भी 2 लाख का कर्ज माफ किया हो तो सूची दे दें।

गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने बुलाई बैठक
गृहमंत्री (home minister) ने आज मंत्रालय (ministry) में बैठक बुलाई है जहां कोरोना और लॉकडाउन के हालात को लेकर चर्चा होगी। बैठक के बाद वे इसका फीडबैक सीएम को देंगे। वहीं लॉकडाउन को उन्होने कहा कि कलेक्टर की रिपोर्ट पर सीएम मंथन करेंगे और प्रदेश से रिपोर्ट दिल्ली भेजी जाएगी।

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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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