
Project Cheetah
A New Milestone in Cheetah Conservation : कूनो नेशनल पार्क में चीतों के संरक्षण और प्रजनन की दिशा में एक कदम और आगे बढ़ रहा है। आज दक्षिण अफ्रीका से लाई गई मादा चीता गामिनी अपने चार शावकों के साथ पार्क के पर्यटन जोन में खुले जंगल में छोड़ी जाएगी। गामिनी के दो नर और दो मादा शावकों के साथ खुले जंगल में छोड़े जाने के बाद ये पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र रहेंगे।
इस बात की जानकारी सीएम डॉ मोहन यादव ने दी। उन्होंने कहा कि ‘आज वन संपदा और चीता प्रोजेक्ट के लिए उल्लेखनीय दिन है। आज गामिनी और उसके बच्चों को खुले जंगल में छोड़ा जाएगा। यह निश्चित ही पर्यटन के साथ ही अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा देगा।’ उन्होंने इसके लिए सभी को बधाई दी है।
मादा चीता गामिनी और उसके शावक आज खुले जंगल में छोड़े जाएंगे
आज गामिनी और उसके शावकों को खुले जंगल में छोड़ा जा रहा है। इन्हें जंगल में छोड़ने से पहले डॉक्टरों और विशेषज्ञों ने उनकी सेहत की पूरी जांच की। यह सुनिश्चित किया गया कि वे जंगल में रहने के लिए तैयार हैं कूनो नेशनल पार्क चीतों पुनर्वास के लिए भारत का पहला चयनित स्थान है और अब धीरे-धीरे ये इन चीतों का स्थायी घर बनता जा रहा है।
चीता संरक्षण की दिशा में एक और कदम
यह कदम भारत सरकार और मध्य प्रदेश सरकार की उस बड़ी योजना का हिस्सा है, जिसके तहत देश से खत्म हो चुके चीतों को दोबारा लाने की कोशिश हो रही है। कई साल पहले भारत में चीते खत्म हो गए थे। अब विदेश से चीते लाकर उन्हें जंगलों में छोड़ा जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर गामिनी और उसके शावक जंगल में अच्छे से रह पाए, तो यह योजना और मजबूत होगी। इससे आने वाले समय में चीतों की संख्या और बढ़ सकती है।
आज वन संपदा और चीता प्रोजेक्ट के लिए उल्लेखनीय दिन है…
आज गामिनी और उसके बच्चों को खुले जंगल में छोड़ा जाएगा। यह निश्चित ही पर्यटन के साथ ही अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा देगा।
मेरी ओर से सभी को शुभकामनाएं! pic.twitter.com/SuFJL6rsux
— Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) March 17, 2025
पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

