मध्यप्रदेश में सोयाबीन बीज की गुणवत्ता को लेकर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने प्रदेश सरकार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने महाराष्ट्र में मध्यप्रदेश की बीज कंपनियों के खिलाफ हुई कार्रवाई का हवाला देते हुए पूछा कि जब दूसरे राज्य में कंपनियों पर एफआईआर और लाइसेंस रद्द करने जैसी कार्रवाई हो रही है तो मध्यप्रदेश सरकार अपने यहां इन कंपनियों के खिलाफ कदम क्यों नहीं उठा रही है।
कांग्रेस नेता ने कहा कि महाराष्ट्र में मध्यप्रदेश की छह बीज कंपनियों के खिलाफ नकली बीज बेचने के मामले में एफआईआर दर्ज हुई है, जबकि मध्यप्रदेश की एक कंपनी का लाइसेंस भी रद्द किया गया है। उन्होंने कहा कि इन कंपनियों ने मध्यप्रदेश में लगभग 10 लाख क्विंटल सोयाबीन बीज बेचा है। उन्होंने सरकार से इस पूरे मामले की जांच कराने और प्रदेश में बेचे गए बीजों की गुणवत्ता की भी पड़ताल करने की मांग की है।
क्या है मामला
सोयाबीन मध्यप्रदेश की प्रमुख खरीफ फसलों में से एक है और ये देश का सबसे बड़ा सोयाबीन उत्पादक है। हर साल लाखों किसान बीज खरीदकर बुवाई करते हैं। इस साल महाराष्ट्र में कुछ किसानों ने शिकायत की कि मध्यप्रदेश की कंपनियों से खरीदे गए सोयाबीन के बीज अंकुरित नहीं हुए या फसल बहुत कमजोर निकली। जांच में कई कंपनियों के बीज नकली या घटिया पाए गए।महाराष्ट्र के कृषि विभाग ने इन कंपनियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की। इनमें से कुछ कंपनियां मध्यप्रदेश में भी सक्रिय हैं और यहां भी बड़े पैमाने पर बीज बेच चुकी हैं। एक कंपनी का लाइसेंस महाराष्ट्र में रद्द भी कर दिया गया है।
उमंग सिंघार ने सरकार को घेरा
इस मामले में मध्यप्रदेश में अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इसपर कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि प्रदेश सरकार किसानों के हितों की अनदेखी कर रही है। उमंग सिंघार ने आरोप लगाया कि राज्य की कई बीज कंपनियां किसानों की मेहनत और उम्मीदों से खिलवाड़ कर रही हैं। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में इन कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई हो रही है लेकिन मध्यप्रदेश सरकार चुप क्यों बैठी है। कांग्रेस नेता ने कहा कि “भाजपा सरकार सो रही है या किसानों को भगवान भरोसे छोड़ दिया है।”उन्होंने मांग की है कि नकली बीज बेचने वालों पर कड़ी कार्रवाई हो, जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए और प्रभावित किसानों के नुकसान की भरपाई की जाए।
किसानों की मेहनत और उनकी उम्मीदों से खिलवाड़ का ये खेल आखिर कब तक चलेगा?
मध्यप्रदेश की 6 बीज कंपनियों पर महाराष्ट्र में नकली बीज बेचने के मामले में FIR दर्ज हुई है, वहीं मध्यप्रदेश की एक कंपनी का लाइसेंस भी रद्द किया गया है। इन्हीं कंपनियों ने मध्य प्रदेश में करीब 10 लाख क्विंटल… pic.twitter.com/zMVOK9arDw
— Umang Singhar (@UmangSinghar) September 16, 2026






