मध्यप्रदेश के इंदौर के जूनी इंदौर थाना क्षेत्र स्थित हर्ष क्लिनिक के संचालकों के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज किया है। डीसीपी नरेंद्र रावत ने दर्ज प्रकरण की जानकारी देते हुये बताया कि इससे पहले भी क्लिनिक में इलाज के दौरान एक महिला की मौत हुई थी। उस मामले के बाद इंदौर सीएमएचओ और उनकी समिति ने क्लिनिक को बंद करा दिया था। इसके बावजूद क्लिनिक को दोबारा अवैध तरीके से संचालित किया गया।

डीसीपी ने आगे बताया कि इस मामले के बाद क्लिनिक में इलाज के दौरान एक 10 साल बच्ची की तबीयत बिगड़ने पर उसे एमवाय अस्पताल रेफर किया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मामले की जानकारी मिलने पर पुलिस ने सीएमएचओ को पत्र लिखकर जांच की मांग की। इसके बाद गठित समिति ने क्लिनिक की कार्यप्रणाली की जांच की। जिसमें इलाज के लिए अपनाई गई प्रक्रिया को गलत होना पाया गया।

क्लिनिक संचालकों के खिलाफ कार्रवाई

पुलिस के अनुसार, हर्ष क्लिनिक का संचालन श्रीचंद बागेजा और डॉ. ज्ञान एस. पंजवानी कर रहे थे। बच्ची की मौत के मामले में जांच के बाद पुलिस ने क्लिनिक संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की है। मामले में इलाज के निर्धारित नियमों के उल्लंघन और आवश्यक वैध डिग्रियों से जुड़े गंभीर सवाल सामने आये हैं।

डीसीपी के कहा कि घटना के बाद पुलिस ने सीएमएचओ को पत्र लिखकर जांच समिति गठित की गई। समिति की रिपोर्ट में क्लिनिक के संचालन और इलाज की प्रक्रिया में अनियमितताएं सामने आने की बात कही गई है। इस मामले में क्लिनिक संचालक श्रीचंद बागेजा और इलाज करने वाले डॉ. ज्ञान एस. पंजवानी के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 105 सहित संबंधित कानूनों के तहत कार्रवाई की है।

आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए गठित की गई विशेष टीम

पुलिस के अनुसार, आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम बनाई गई है। साथ ही, उनकी शैक्षणिक डिग्रियों और दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे वैधानिक कार्रवाई की जायेगी। मामले में पुलिस हर एक पहलू पर जांच कर रही है।

 

इंदौर से शकील अंसारी की रिपोर्ट