पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने सीएम को लिखा पत्र, कहा – माफ़ किए जाए जनता के ये खर्चे

पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने सीएम को लिखा पत्र, कहा – माफ़ किए जाए जनता के ये खर्चे

भोपाल। मध्यप्रदेश में कोरोना वायरस के बढ़ते कहर को देखते हुए पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखा। उन्होंने पत्र में मुख्यमंत्री से अनुरोध किया कि 21 दिन के लाउड लॉक डाउन के चलते छोटे व्यापारियों एवं गरीब दुकानदार अपना रोजगार खो बैठे हैं । इसलिए गरीब वर्ग के लोगो का मार्च एवं अप्रैल में बिजली एवं पानी का बिल माफ कर दिया जाये ।

पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने अनुरोध करते हुए कहा है कि मध्यप्रदेश में 200 यूनिट बिजली खर्च करने वाले उपभोक्ताओं के मार्च एवं अप्रैल के बिजली बिल एवं प्रदेश के सभी नगर निगमों नगरपालिका के अंतर्गत पेयजल उपभोक्ताओं का भी बिल माफ करने का आदेश जारी करें। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यम वर्ग के लोगों को कोरोना के चलते आर्थिक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है और साथ ही घरों में रहने के कारण उनकी आर्थिक आय भी समाप्त हो गई है और रोजमर्रा की जरूरत जैसे बिजली, पानी में वृद्धि हो रही है। कोरोना महामारी से उत्पन्न हालातों को देखते हुए इन सभी गरीबों एवं अन्य कम आय वाले वर्गो के लोगों को हालातों से निपटने के लिए बिजली और पानी के बिलों में राहत प्रदान कर दी जाए।

गौरतलब हो इससे पहले पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने पत्र लिखकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से आग्रह किया था कि जनता को मिलने वाले मुफ्त अनाज उनतक नहीं पहुंच पा रहे हैं। जिससे कि उन्हें काफी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से आग्रह किया था कि वह इस विषय पर संज्ञान ले एवं जल्द से जल्द जरूरतमंदों को मुफ्त राशन उपलब्ध करवाए जाए।

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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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