मध्यप्रदेश में सुशासन फेल, माफियाराज हावी : उमंग सिंघार का आरोप, पूछा “बीजेपी सरकार माफिया पर इतनी मेहरबान क्यों”

उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में जहरीली शराब, अवैध खनन, भूमाफिया और भ्रष्टाचार के मामले लगातार बढ़ रहे हैं फिर भी माफियाओं पर कार्रवाई नहीं हो रही। सिंघार ने कहा कि जनता न्याय के लिए जनसुनवाई में पहुंच रही है लेकिन वहां भी निराशा हाथ लग रही है।
Umang Singhar

उमंग सिंघार ने मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार पर हमला बोलते हुए कानून व्यवस्था, अवैध खनन और प्रशासनिक लापरवाही को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में जिस “सुशासन” का दावा किया जाता है उसकी वास्तविकता अब खुद सरकारी बैठकों में सामने आने लगी है।

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि हाल ही में हुई कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव द्वारा अधिकारियों को लगाई गई फटकार इस बात का प्रमाण है कि प्रदेश में प्रशासनिक व्यवस्था चरमराई हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि जनता अपनी समस्याओं के समाधान के लिए जनसुनवाई में पहुंच रही है लेकिन वहां भी निराशा हाथ लग रही है और कई जगहों पर आत्मघाती कदम उठाने जैसी घटनाएं सामने आ रही हैं।

उमंग सिंघार ने सरकार को घेरा

उमंग सिंघार ने बीजेपी को घेरते हुए कहा कि प्रदेश में जहरीली शराब, अवैध खनन, भूमाफिया और भ्रष्टाचार के मामले लगातार बढ़ रहे हैं और सरकार की कार्रवाई सिर्फ आम नागरिकों तक सीमित दिखाई देती है। उन्होंने आरोप लगाया कि खनन माफिया खुलेआम कानून का उल्लंघन कर रहे हैं लेकिन प्रशासन और सरकार उन पर सख्ती करने में असफल साबित हो रही है। कांग्रेस नेता ने कहा कि जब खुद मुख्य सचिव को यह कहना पड़े कि “जनसुनवाई में लोग ज़हर खा रहे हैं और खनन माफियाओं में खौफ नहीं है” तो यह प्रदेश की बिगड़ती स्थिति का स्पष्ट संकेत है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर सरकार माफियाओं के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई क्यों नहीं कर पा रही है।

कॉन्फ्रेंस में उठे थे प्रशासनिक ढिलाई के मुद्दे

बता दें कि हाल ही में आयोजित कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और मुख्य सचिव अनुराग जैन ने कई जिलों में लंबित राजस्व प्रकरणों, अवैध खनन, कानून व्यवस्था और जनसुनवाई से जुड़ी शिकायतों पर नाराजगी जताई थी। बैठक में भोपाल और सिंगरौली सहित कुछ जिलों में लंबित मामलों की स्थिति पर अधिकारियों को फटकार भी लगाई गई। बैठक में यह भी निर्देश दिए गए थे कि अवैध खनन में शामिल वाहनों और आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। इसके अलावा पेयजल संकट, नल-जल योजनाओं की धीमी प्रगति, स्वच्छता व्यवस्था और ग्रामीण विकास योजनाओं की स्थिति पर भी जवाब मांगा गया।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
Follow Us :GoogleNews