MP School College : छात्रों के लिए अच्छी खबर, शिक्षकों को दी जाएगी ट्रैफिक की ट्रेनिंग, पढ़ाएंगे यातायात के नियमों का पाठ

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MP School News :मध्य प्रदेश के स्कूली और कॉलेज छात्रों के लिए अच्छी खबर है। मध्य प्रदेश में बढ़ते सड़क हादसों को रोकने के लिए अब राज्य सरकार यातायात पुलिस शिक्षकों की मदद लेगी। इसके तहत  शिक्षक विद्यार्थियों को यातायात नियमों का पाठ पठाएंगे, इसके लिए  बकायदा शिक्षकों को ट्रैफिक की ट्रेनिंग दी जाएगी। इसके तहत हर स्कूल और कॉलेज से दो शिक्षकों को प्रशिक्षण देंगे।इससे ना सिर्फ छात्रों को लाभ मिलेगा बल्कि सड़क हादसों में भी कमी आएगी।

पुलिस अधीक्षकों को लिखा पत्र

दरअसल, प्रदेश में हर साल सड़क हादसों में करीब 12000 लोगों की मौत हो जाती है, इनमें ज्यादातर युवा होते हैं, ऐसे में निर्धारित किया गया है कि अब मध्य प्रदेश के सभी स्कूल एवं कॉलेजों में ट्रैफिक रूल्स पढ़ाए जाएंगे और इसके लिए टीचर्स को ट्रेनिंग दी जाएगी, ताकी हादसों में कमी आए औऱ छात्र यातायात के नियमों का सही से पालन करें।प्रशिक्षण के लिए पुलिस मुख्यालय की तरफ से प्रदेश के सभी पुलिस अधीक्षकों को पत्र लिखा गया है।

जल्द रूपरेखा होगी तैयार

जल्द पुलिस अधीक्षक जिला शिक्षा अधिकारियों के साथ बैठक कर इसकी रूपरेखा तय करेंगे और हर स्कूल-कालेज से एक या दो शिक्षकों को एक दिन का प्रशिक्षण दिया जाएगा। वही उन्हें पाठ्य सामग्री की सॉफ्ट कॉपी भी उपलब्ध कराई जाएगी। इसके बाद शिक्षक विषय की कक्षा शुरू करने के पहले या कोई दिन तय कर विद्यार्थियों को प्रशिक्षित करेंगे।वही प्रैक्टिकल के लिए उन्हें ट्रैफिक कंट्रोल पॉइंट भी दिखाए जाएंगे। इसका फायदा यह होगा कि जरूरत पड़ने पर यह शिक्षक ट्रैफिक कंट्रोल के काम में भी लगाए जा सकेंगे।

शिक्षकों को सौंपी जाएगी ये जिम्मेदारी

खास बात ये है कि जिस तरह से हर स्कूल में खेल या योग के शिक्षक होते हैं, उसी तरह स्कूलों में किसी एक शिक्षक को यातायात पढ़ाने की जिम्मेदारी भी सौंपी जाएगी।इसके लिए सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों को पत्र लिखा है कि वह जिला शिक्षा अधिकारियों से बात कर हर स्कूल-कॉलेज में एक शिक्षक को इसके लिए प्रशिक्षित करें।

Pooja Khodani
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12 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में.

खबर वह होती है जिसे कोई दबाना चाहता है। बाकी सब विज्ञापन है। मकसद तय करना दम की बात है। मायने यह रखता है कि हम क्या छापते हैं और क्या नहीं छापते। (पत्रकारिता में 12 वर्षों से सक्रिय, इलेक्ट्रानिक से लेकर डिजिटल मीडिया तक का अनुभव, सीखने की लालसा के साथ हर खबर पर पैनी नजर) View all posts by Pooja Khodani →
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