दूसरे राज्यों में फंसे मजदूरों के लिए सरकार ने जारी किया टोल फ्री नंबर

दूसरे राज्यों में फंसे मजदूरों के लिए सरकार ने जारी किया टोल फ्री नंबर

भोपाल| लॉकडाउन (Lockdown) के कारण अन्य राज्यों में फंसे मजदूरों को सरकार (madhya pradesh government) वापस ला रही है| बस और स्पेशल ट्रैन के माध्यम से अब तक पचास हजार श्रमिक अपने राज्य लौट चुके हैं| अब मजदूरों की सहायता के लिए सरकार ने टोल-फ्री नंबर (Toll Free Number) जारी किया है| जिस पर वे अपना रजिस्ट्रशन करा सकेंगे|

अपर मुख्य सचिव एवं प्रभारी स्टेट कंट्रोल-रूम आई.सी.पी. केशरी ने बताया है कि प्रदेश के बाहर फँसे श्रमिक, जो मध्यप्रदेश अपने घर आना चाहते हैं, वे स्टेट कंट्रोल-रूम के फोन नम्बर 0755-2411180 पर पंजीयन करा सकते हैं। इसके अतिरिक्त, http://mapit.gov.in/covid-19 पर भी पंजीयन करवा सकते हैं। यह टेलीफोन नम्बर केवल मध्यप्रदेश के बाहर फँसे श्रमिकों के पंजीयन के लिये है।

केशरी ने आग्रह किया है कि मध्यप्रदेश के बाहर फँसे श्रमिक इस टेलीफोन नम्बर अथवा पोर्टल में शीघ्र पंजीयन करायें। उन्होंने बताया कि श्रमिकों द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर ही उनकी वापसी का प्रोग्राम तैयार किया जायेगा।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews