प्रमोशन में आरक्षण के लिए सरकार अपना सकती है यह फार्मूला

प्रमोशन में आरक्षण के लिए सरकार अपना सकती है यह फार्मूला

भोपाल।मध्य प्रदेश के सामान्य प्रशासन मंत्री डॉ गोविंद सिंह ने बड़ा बयान दिया है। दरअसल मध्य प्रदेश में वर्ष 2014 से पदोन्नति में आरक्षण का मामला सुप्रीम कोर्ट में अटका हुआ है जिसके चलते सरकारी अधिकारी कर्मचारी पदोन्नति नहीं पा रहे हैं। पहले भी मुख्यमंत्री कमलनाथ इसका जल्द हल निकालने की बात भी कह चुके हैं।

सामान्य प्रशासन मंत्री डॉ गोविंद सिंह ने कहा है कि सरकार 3 फार्मूलो में से किसी एक के आधार पर अधिकारी कर्मचारियों को प्रमोशन देने पर विचार कर रही है। इसको लेकर मुख्यमंत्री कमलनाथ केंद्र सरकार के अधिकारियों और वरिष्ठ कानूनविदों से बात कर चुके हैं। सरकार के पास पहला फार्मूला यह है कि सुप्रीम कोर्ट में जल्द से जल्द सुनवाई कर मामले का समाधान हो। जब मामले का हल हो तब तदनुसार निर्णय लिया जाए। दूसरा फार्मूला सरकार के पास यह है कि सरकार जिस तरह से आईएएस आईपीएस और स्टेट सर्विस के अधिकारियों को पदोन्नति के बजाय क्रमोन्नति देती है उसी तरह से पूरे राज्य के अधिकारी कर्मचारियों को दी जाए। तीसरा निर्णय पुरानी व्यवस्था के अनुसार ही प्रमोशन का है। अब सरकार जल्द ही इस बारे में फैसला लेगी कि इन तीनों फार्मूले में से किसके आधार पर प्रदेश सरकार के अधिकारी कर्मचारियों को प्रमोशन दिया जाए।

Gaurav Sharma
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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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