
मध्यप्रदेश के कैबिनेट मंत्री गोविंद सिंह राजपूत के खिलाफ 2018 के विधानसभा चुनाव में संपत्ति छिपाने के आरोपों में जबलपुर हाईकोर्ट के सख्त रुख के बाद अब उमंग सिंघार ने सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि कोर्ट ने तल्ख टिप्पणी की है कि सरकार चुनाव आयोग को जरूरी जानकारी मुहैया नहीं करा रही है। इससे साफ जाहिर होता है कि सरकार मंत्री को बचाने में लगी हुई है। अब तो हाईकोर्ट को भी कहना पड़ रहा है कि सरकार भ्रष्ट मंत्री को बचाने में जुटी हुई है।
‘भ्रष्टाचारियों की रक्षा अब भाजपा सरकार का “राजधर्म” बन गया है। निर्वाचन आयोग को रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं कराकर सरकार मंत्री गोविंद सिंह राजपूत की ढाल बन रही है।’ हाईकोर्ट की इस टिप्पणी को लेकर नेता प्रतिपक्ष प्रदेश सरकार पर हमलावर है। उन्होंने कहा कि मैंने परिवहन घोटाले के तमाम सबूत सरकार को सौंपे थे लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई।
हाईकोर्ट ने सरकार से किया जवाब तलब
बता दें कि जबलपुर हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि जब मंत्री द्वारा चुनाव के समय दिए गए हलफनामे में संपत्तियों का ब्योरा अधूरा और विवादित है, तो सरकार बचाव की मुद्रा में क्यों है? अदालत ने मध्य प्रदेश सरकार से इस पर स्पष्ट जवाब तलब किया है। हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा और न्यायमूर्ति विनय सराफ की युगलपीठ ने सुनवाई के दौरान राज्य सरकार से तल्ख सवाल किया कि जब निर्वाचन आयोग ने इस मामले को जांच योग्य माना था, तो आगे की कार्रवाई क्यों रुकी? इस मामले पर अब अगली सुनवाई 9 अक्टूबर को होगी।
उमंग सिंघार ने बीजेपी को घेरा
हाईकोर्ट की इस टिप्पणी के बाद अब उमंग सिंघार ने इस मुद्दे पर सरकार को निशाने पर लिया है। उन्होंने कहा कि वो पहले ही परिवहन घोटाले के सबूत सरकार को दे चुके हैं जिनमें मंत्री गोविंद सिंह राजपूत की संलिप्तता और दोष स्पष्ट रूप से सामने आता है। इसके बावजूद भाजपा ने उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। नेता प्रतिपक्ष ने प्रदेशी की बीजेपी सरकार को घेरते हुए कहा कि भाजपा सरकार का काम ही यही रह गया है कि वह भ्रष्टाचारियों और अपराधियों के लिए “कैंप” बन चुकी है।
यह साफ है—भ्रष्टाचारियों की रक्षा अब भाजपा सरकार का “राजधर्म” बन गया है।
"निर्वाचन आयोग को रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं कराकर सरकार मंत्री गोविंद सिंह राजपूत की ढाल बन रही है।" यह टिप्पणी हाई कोर्ट ने कैबिनेट मंत्री गोविंद सिंह राजपूत के चुनावी हलफनामे में संपत्ति छुपाने के आरोपों की… pic.twitter.com/4TU65oFjva— Umang Singhar (@UmangSinghar) September 26, 2025
पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

