शिवराज सरकार का बड़ा फैसला, नवीन युवा नीति के लिए चार मंत्रियों को सौंपी जिम्मेदारी

शिवराज सरकार का बड़ा फैसला, नवीन युवा नीति के लिए चार मंत्रियों को सौंपी जिम्मेदारी

MP New Youth Policy : शिवराज सरकार ने मध्य प्रदेश के युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करने, उनके अंदर सकारात्मक ऊर्जा का संचार करने, शिक्षा के साथ खेलकूद सहित अन्य गतिविधियों में अपना कौशल बढ़ाने के उद्देश्य से  युवा नीति बनाई है, सरकार ने नवीन युवा नीति को लागू करने से पहले इसके लिए मंत्री समूह का गठन कर दिया है, चार मंत्रियों को इसकी जिम्मेदारी दी गई है।

ये चार मंत्री किये गए शामिल

मध्य प्रदेश की शिवराज सरकार ने नवीन युवा नीति निर्माण के लिए आवश्यक सुझाव, अनुशंसा प्रस्तुत किए जाने के लिए मंत्री समूह का गठन किया है। खेल और युवा कल्याण, तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार मंत्री श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया, चिकित्सा शिक्षा, भोपाल गैस त्रासदी, राहत एवं पुनर्वास मंत्री विश्वास सारंग, उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. मोहन यादव और स्कूल शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), सामान्य प्रशासन राज्य मंत्री इंदर सिंह परमार को समूह में शामिल किया गया है। प्रमुख सचिव खेल एवं युवा कल्याण समूह के सचिव होंगे।

13 जनवरी 2023 को आयेगी नवीन युवा नीति

पिछले दिनों एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा था कि युवाओं के विचारों को शामिल करते हुए नई युवा नीति को अंतिम रूप दिया जाएगा। 13 जनवरी 2023 को यह नीति सामने आएगी। इसके पहले विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों में संगोष्ठी से युवा नीति पर विचार-विमर्श की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। मुख्यमंत्री ने आग्रह किया कि इस नीति के निर्माण में प्रदेश के अधिक से अधिक युवा हिस्सा लें। जिससे युवाओं से संबंधित प्रावधानों को युवा नीति में शामिल कर क्रियान्वित किया जा सके।

ये है उद्देश्य

आपको बता दें कि नवीन युवा नीति की जिम्मेदारी मुख्य रूप से खेल एवं युवा कल्याण विभाग के पास है। युवा नीति का उद्देश्य प्रदेश के वातावरण में एक ऐसी ऊर्जा का संचार करना है, जिससे प्रदेश के युवाओं की सोच में सकारात्मकता आए, उनकी ऊर्जा का राज्य के विकास में उपयोग हो, उन्हें अपने समग्र विकास (व्यक्तित्व, शैक्षणिक एवं आर्थिक) का अवसर मिले एवं वह देश का एक आदर्श नागरिक बन सके।

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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