GST बदलाव पर बोले सीएम डॉ मोहन यादव, ये हमारे लिए गुलदस्ते की तरह, PM Modi और वित्त मंत्री को दिया धन्यवाद

CM Mohan Yadav meets PM Modi

GST काउंसिल ने एक बड़ा निर्णय लेते हुए अभी तक प्रचलन में चल रहे अप्रत्यक्ष करों एक चार स्लैब को कम करते हुए केवल दो स्लैब कर दिए है, काउंसिल में शामिल सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने आम सहमति से जीएसटी की दो दरों 5% और 18% को मंजूरी दे दी, इसका  सीधा लाभ आम जनता को अधिक होगा, इस फैसले के बाद आम जरूरत की अधिकांश चीजें सस्ती हो जायेंगी।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में बुधवार को हुई GST काउंसिल की बैठक में फैसला हुआ कि अब पनीर, छेना, टेट्रापैक दूध, रोटी, चपाती परांठा, खाकरा जैसी आम लोगों से जुड़ी खाद्य वस्तुओं, दुर्लभ बीमारियों और कैंसर की दवाओं पर कोई टैक्स नहीं लगेगा। सरकार ने व्यक्तिगत स्वास्थ्य बीमा के साथ साथ जीवन बीमा पॉलिसियों को भी कर मुक्त कर दिया है। हालाँकि फ़ास्ट फूड, लक्जरी महंगी कार, शराब , तम्बाकू सहित कुछ चुनिंदा वस्तुओं के लिए 40% का अलग स्लैब रहेगा,  नए दो स्लैब 22 सितंबर से प्रभावी होंगे।

देश की 90 प्रतिशत जनता को होगा लाभ 

GST की दरों में किये गए बड़े बदलाव का मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने स्वागत किया है, उन्होंने कहा GST काउंसिल की बैठक सभी वर्गों के लिए गुलदस्ते की तरह है, बैठक में सभी क्षेत्र को कवर किया गया एक बड़ी आबादी का ध्यान रखा गया है मुझे लगता है इसका लाभ देश की 90 प्रतिशत जनता को होगा।

PM Modi और वित्त मंत्री सीतारमण को दी बधाई  

सीएम डॉ मोहन यादव ने प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ करते हुए कहा ये प्रधानमंत्री मोदी का ही कलेजा हो सकता है कि कि देश की आर्थिक ताकत की स्पीड को भी बनाये रखें और ऐसी स्थति में सभी वर्गों के लिए टैक्स में छूट भी दे सकें, उन्होंने कहा टैक्स में दी गई छूट का लाभ MSME, लघु कुटीर उद्योग सहित अभी उद्योगों को होगा, मैं प्रधानमंत्री मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को बधाई देता हूँ।

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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