ग्वालियर स्मार्ट सिटी की LED खरीद पर विवाद, उमंग सिंघार बोले “भ्रष्टाचार का स्मार्ट मॉडल तैयार”

इस विवाद की वजह एलईडी की गुणवत्ता, उपकरणों की क्षमता और खरीदी की दरों में कथित अंतर है। मामले ने स्मार्ट सिटी परियोजनाओं में टेंडर प्रक्रिया, गुणवत्ता जांच और सरकारी खर्च की निगरानी को लेकर पारदर्शिता पर बहस छेड़ दी है।
Leader of the Opposition Umang Singhar

Umang Singhar

ग्वालियर स्मार्ट सिटी में LED स्ट्रीट लाइट की खरीदी और सप्लाई को लेकर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि लगभग 150 बाजार कीमत वाले 50 वॉट के एलईडी ड्राइवर को लगभग 600 रूपए में खरीदा जा रहा है।

कांग्रेस नेता ने पूरे मामले को ‘स्मार्ट भ्रष्टाचार’ करार देते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव की सरकार से जवाब मांगा है। उन्होंने कहा कि स्मार्ट सिटी के नाम पर जनता के पैसे से होने वाली खरीदी में यदि तकनीकी मानकों से समझौता हुआ है तो इसकी जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।

क्या है मामला

दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार, ग्वालियर की सड़कों पर लगी 70 वॉट की एलईडी लाइट्स में इस्तेमाल होने वाले कुछ ड्राइवरों की क्षमता को लेकर सवाल सामने आए हैं। कहा गया है कि जिन ड्राइवरों पर स्मार्ट सिटी के लोगो वाली पर्ची में 70W लिखा था, उनकी मूल मार्किंग हटाने या ढकने के बाद नीचे 50W दर्ज मिला। आरोप है कि एक ड्राइवर को वॉटेज और पावर फैक्टर टेस्टर पर जांचने पर 49.69 वॉट की रीडिंग मिली। यह भी कहा गया है कि हाल में दिल्ली से पहुंची करीब 3,000 ड्राइवरों की खेप में भी 70-75W की पर्ची के नीचे 50W की मार्किंग दिखाई दी।

उमंग सिंघार ने सरकार को घेरा

इस मामले को लेकर उमंग सिंघार ने प्रदेश सरकार से सवाल किए हैं और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि 150 के 50 वॉट के LED ड्राइवर को लगभग 600 में खरीदा जा रहा है और 50 वॉट के ड्राइवर पर 70 वॉट का लेबल लगाकर जनता के पैसे का दुरुपयोग किया जा रहा है। कांग्रेस नेता ने सोशल मीडिया पोस्ट लिखकर कह है कि स्मार्ट सिटी ग्वालियर में LED लाइटों की खरीदी में बड़ा खेल चल रहा है। उनके मुताबिक करीब ₹10.46 करोड़ के टेंडर में कंपनी द्वारा लेबल बदलकर सरकारी राशि का नुकसान किया जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि जनता के पैसों की इस कथित लूट की जिम्मेदारी आखिर किसकी है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा है कि मोहन सरकार जवाब दे, स्मार्ट सिटी में विकास हो रहा है या भ्रष्टाचार का ‘स्मार्ट मॉडल’ तैयार किया जा रहा है।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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