मध्य प्रदेश में मानसून के साथ अन्य मजबूत मौसम प्रणालियां सक्रिय हैं, जिसके चलते 2 से 3 अगस्त तक प्रदेश में बारिश का सिलसिला जारी रहने का अनुमान है। इसका ज्यादा असर मालवा-निमाड़ में देखने को मिलेगा।
गुरुवार को 17 जिलों में भारी से अति भारी बारिश का ऑरेंज व येलो अलर्ट जारी किया गया है। यहां अगले 24 घंटे के दौरान 4 इंच या उससे अधिक बारिश हो सकती है। वहीं 38 जिलों में मेघगर्जन, वज्रपात के साथ 40 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने चेतावनी जारी की गई है।
गुरुवार को इन जिलों में बारिश का अलर्ट
- अति भारी बारिश (ऑरेंज अलर्ट): हरदा, देवास, नर्मदापुरम, बुरहानपुर, धार
- भारी बारिश (येलो अलर्ट): उज्जैन, शाजापुर, राजगढ़, अलीराजपुर, झाबुआ, इंदौर, रतलाम, आगर, मंदसौर, नीमच, रायसेन, सीहोर, बैतूल, खंडवा, खरगौन, बड़वानी, छिंदवाड़ा, सिवनी, सागर, पांढुर्णा
- झंझावत, वज्रपात, झोंकेदार हवा: भोपाल, विदिशा, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुरकलां, सिंगरोली, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, अनुपपुर, शहडोल, उमरिया, डिंडोरी, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, मंडला, बालाघाट, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर। हवा की गति 40 किलोमीटर प्रति घंटा रह सकती है।
मध्य प्रदेश में अब भी सामान्य से 16% कम बारिश
- 1 जून से 28 जुलाई 2026 के बीच मध्य प्रदेश में अब तक औसत से करीब 16 प्रतिशत कम बारिश रिकॉर्ड की गई है। इस अवधि में औसतन 14.1 इंच (358.1 मिमी) बारिश हो चुकी है, जबकि सामान्य बारिश 16.9 इंच (429.2 मिमी) मानी जाती है।
- इन आंकड़ों के आधार पर प्रदेश में अब भी करीब 2.8 इंच यानी 16 प्रतिशत पानी कम गिरा है। पूर्वी मध्य प्रदेश में औसत से 15% से कम और पश्चिमी मध्य प्रदेश में औसत से 17% से कम पानी गिरा है।
- अबतक जबलपुर-ग्वालियर समेत कुल 40 से ज्यादा जिलों में कोटे से कम पानी गिरा है। भोपाल, भिंड, बुरहानपुर, देवास, इंदौर, मंदसौर, राजगढ़ और सीहोर ऐसे जिले हैं, जहां सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है। देवास में सबसे ज्यादा करीब 20 इंच और आलीराजपुर में सबसे कम 4 इंच ही बरसात हुई है। यदि जुलाई अंत तक अच्छी बारिश का दौर जारी रहा तो कोटा पूरा होने की प्रबल संभावना है।









