यहां ‘नीम’ ने फैला दिया कोरोना, इधर, सरकारी ‘नल’ से पूरा परिवार संक्रमित

यहां ‘नीम’ ने फैला दिया कोरोना, इधर, सरकारी ‘नल’ से पूरा परिवार संक्रमित

भोपाल| मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में कोरोना (Corona) कहर बरपा रहा है| आम जनता से लेकर बड़ी हस्तियां भी इसके शिकार हो चुके हैं| एक छोटी सी लापरवाही आपको भी संक्रमित कर सकती है| कोरोना संक्रमण के कुछ ऐसे ही मामले सामने आये हैं| जिसमे जरा सी चूक भारी पड़ी है| हर मौसम और बीमारी में कारगर दवा ‘नीम’ से कोरोना संक्रमण फैलने का मामला सामने आया है| यह सुनने में भले ही अटपटा लगे, लेकिन ऐसा हुआ है|

दरअसल, एक व्यक्ति जो घर से बाहर नहीं निकला, लेकिन जांच में कोरोना पॉजिटिव पाया गया| जब पुलिस ने उस शख्स की कॉउंसलिंग की तो पता चला कि वो कैसे संक्रमित हुआ| अपनी याददाश्त पर भारी जोर डालने के बाद उस शख्स ने बताया कि मकान की ऊपरी मंजिल पर रहने वाले युवक से उसने नीम की पत्ती मांगी थी। युवक ने छत से हाथ बढ़ाकर नीम की छोटी डालियां ऊपर से फेंकी थी, जिसे उसने हाथों पर झेला था। दो दिन बाद पता चला कि युवक की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई।

सार्वजानिक नल से भरा पानी, परिवार संक्रमित
एक और अन्य मामला राजधानी के शाहजहांनाबाद क्षेत्र से आया है| जहां सार्वजनिक नल से पानी भरने पर एक परिवार के सभी सदस्य संक्रमित हो गए| इनकी रिपोर्ट शुक्रवार को पॉजिटिव आई है। परिवार के एक सदस्य ने बताया कि उनका परिवार सार्वजनिक नल से पानी भरता है। जहां यह नल लगा हुआ है। वहां लोग पॉजिटिव आए है। संभवतः इन्हीं से उन्हें संक्रमण हुआ है। उन्होंने बताया कि परिवार में नौ सदस्य है। इस वजह से घर में सभी को संक्रमण हो गया है। उन्होंने बताया कि परिवार के सभी सदस्य कहीं बाहर नहीं गए और शारीरिक दूरी का पालन भी किया लेकिन जब जांच हुई तो पता चला कि उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews