होम आइसोलेशन: प्रभारी अधिकारी होंगे नियुक्त, प्रमुख सचिव ने जारी किए निर्देश

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भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। कोरोना कर्फ्यू (Corona Curfew) और लॉकडाउन (Lockdown 2021) के बावजूद तेजी से बढ़ते आंकड़ों को देखते हुए मप्र सरकार (MP Government) एक के बाद एक बड़े फैसले ले रही है। अब मप्र सरकार ने फैसले किया है कि होम आइसोलेशन के मरीजों को मेडिसिन किट वितरण बांटी जाएगी और इसके लिए प्रभारी अधिकारी भी नियुक्त किए जाएंगे।इस संबंध में नगरीय विकास एवं आवास विभाग (Urban Development and Housing Department) के प्रमुख सचिव नीतेश व्यास ने निर्देश जारी किये हैं।

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दरअसल, शनिवार को कोरोना की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान (CM Shivraj Singh Chauhan) ने कहा था कि होम आइसोलेशन (Home Isolation) की व्यवस्था को पुख्ता बनाया जाए, ताकी मरीज को अस्पताल (Hospital) जाने की जरुरत ना पड़े और हर मरीज को नि:शुल्क दवाई की किट भी उपलब्ध कराई जाए।इसके बाद नगरीय विकास एवं आवास के प्रमुख सचिव नीतेश व्यास ने इस संबंध में समस्त आयुक्त नगर पालिका निगम और मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को उक्त निर्देश जारी किये हैं।

इसमें कहा गया है कि नगरीय क्षेत्रों में होम आइसोलेशन में स्थित कोविड मरीजों को उनके घर पर ही कोविड-19 के स्व-प्रबंधन के लिये आवश्यक मेडिसिन किट और स्वास्थ्य विभाग (Health Department) के निर्देशों को पहुँचाने के लिए प्रत्येक जोन, वार्ड के अनुसार प्रभारी अधिकारी नियुक्त किये जाएँ।ऐसी किट का निर्माण कलेक्टर (Collector) के माध्यम से नियुक्त स्वास्थ्य विशेषज्ञ के मार्गदर्शन में किया जाए।

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प्रमुख सचिव  व्यास ने बताया कि प्रत्येक जिले में होम आइसोलेशन में स्थिति मरीजों के मॉनिटरिंग के लिए कन्ट्रोल रूम या कंट्रोल कमांड सेन्टर संचालित हैं। इस व्यवस्था के संचालन के लिए यथा संभव इसे ही केन्द्र बिन्दु बनाया जाए। छोटे निकायों में वार्ड और जोन के अनुसार प्रभारी अधिकारी या टीम की आवश्यकता न हो तो स्थानीय परिस्थिति अनुसार कार्यवाही की जाए।

व्यास ने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि वर्तमान में होम आइसोलेशन में स्थित ऐसे कोविड मरीज जिनको अभी तक मेडिसिन किट एवं स्वास्थ्य विभाग के निर्देशों की प्रति उपलब्ध नहीं हुई है, उन्हें तत्काल प्रभाव से यह उपलब्ध कराई जाए। स्वास्थ्य विभाग के निर्देशों की प्रति अगर स्वास्थ्य विभाग द्वारा मुद्रित कर उपलब्ध नहीं कराई जाती है तो निकाय आवश्यकतानुसार मुद्रण सुनिश्चित किया जाए।

प्रमुख सचिव ने जारी किए यह निर्देश

  • मेडिसिन किट एवं स्वास्थ्य विभाग के निर्देशों की प्रतियाँ कलेक्टर द्वारा स्वास्थ्य विभाग के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी, किन्तु कई जिलों में ऐसी स्थिति हो सकती है कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा किट के स्थान पर मेडिसिन उपलब्ध कराई जाए, जिसको किट में परिवर्तित करना होगा।
  • नगरीय निकाय इस के लिए आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करें।
  • प्रतिदिन होम आइसोलेशन मरीजों की सूची जिले के महामारीविद् (Epidemiologist) या कलेक्टर द्वारा नियुक्त अधिकारी से सुबह 7 बजे प्राप्त की जाए।
  • यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि प्रतिदिन होम आइसोलेशन में नए मरीजों को उसी दिन उपरोक्तानुसार सामग्री उपलब्ध हो।
  • प्रतिदिन होम आइसोलेशन में रहने वाले नए कोविड मरीजों को मेडिकल किट एवं स्वास्थ्य विभाग के निर्देशों की प्रति उपलब्ध हो यह सुनिश्चित किया जाए।
  • कन्ट्रोल रूम और कन्ट्रोल कमांड सेन्टर में पर्याप्त संख्या में मेडिसिन एवं मेडिसिन किट की उपलब्धता सुनिश्चित रखी जाए। उपलब्धता में कमी होने पर तुरंत कलेक्टर के संज्ञान में इस बात को लाया जाए।
  • प्रत्येक निकाय में इस सम्पूर्ण व्यवस्था के प्रभारी एवं वार्ड एवं जोन वाईज टीम के प्रभारियों के फोन नम्बर का प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि अगर होम आइसोलेशन में स्थित किसी मरीज को मेडिकल किट एवं स्वास्थ्य विभाग के निर्देशों की प्रति प्राप्त नहीं होती है, तो वे तुरंत सम्पर्क कर सकें।
  • जिला मुख्यालय में होम आइसोलेशन में स्थित मरीजों के मॉनिटरिंग हेतु निर्धारित कन्ट्रोल रूम, कन्ट्रोल एवं कमांड सेंटर का दूरभाष क्रमांक का पर्याप्त प्रचार-प्रसार हो, जिस पर भी कोविड मरीज मेडिकल किट प्राप्ति हेतु सूचना दे सकते हैं।
  • शेष निकाय में भी स्थापित किए जाने वाले कन्ट्रोल रूम में दूरभाष नम्बर का प्रचार-प्रसार करें।
Pooja Khodani
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12 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में.

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