गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा की कमलनाथ से मुलाक़ात, दी बधाई

गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा की कमलनाथ से मुलाक़ात, दी बधाई

भोपाल, रविंद्र सिंह राजपूत
राजनीति में एक दूसरे के विरोधी माने जाने वाले नेता जब सहजता के साथ मुलाक़ात करते हैं, तो यह मुलाकात चर्चा का विषय बनना लाजमी है| ऐसी ही एक मुलाकात आज पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ (Kamalnath) और गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा (Narottam Mishra) की हुई| इस मुलाक़ात की फोटो अब सोशल मीडिया (Social Media) पर जबरदस्त वायरल हो रही है|

दरअसल, पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ को पार्टी ने विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी सौंपी है| सत्ता पक्ष में होने के नाते नरोत्तम मिश्रा कमलनाथ को बधाई देने उनके निवास पर पहुंचे| गृहमंत्री डॉ मिश्रा ने खुद ट्वीट कर फोटो साझा करते हुए इसकी जानकारी दी| उन्होंने लिखा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री श्री कमलनाथ जी के निवास पर व्यक्तिगत भेंट कर उन्हें विधानसभा में विपक्ष का नेता बनने पर बधाई और शुभकामनाएं दीं।

प्रदेश में 15 साल के लम्बे इन्तजार के बाद कांग्रेस कमलनाथ के नेतृत्व में सत्ता में आई, लेकिन सरकार ज्यादा दिन नहीं चल सकी और एक बार फिर कांग्रेस को विपक्ष की भूमिका निभानी पड़ रही है| इस सियासी घटनाक्रम को लेकर कांग्रेस भाजपा को दोषी मानते हुए लगातार हमले बोल रही है| इस बीच ‘ऑपरेशन लोटस’ के सूत्रधार माने जाने वाले नरोत्तम मिश्रा जब सहजता से कमलनाथ से मिले तो उन्होंने भी हल्की मुस्कुराहट के साथ नरोत्तम मिश्रा का अभिवादन किया| दोनों की इस मुलाक़ात की साक्षी बनी एक फोटो अब वायरल है|

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पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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