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आईएएस संतोष वर्मा के खिलाफ एकजुट हुआ मध्यप्रदेश का ब्राह्मण समाज, 12 दिसंबर से तीन दिवसीय आंदोलन की घोषणा, 14 दिसंबर को सीएम हाउस का घेराव करेंगे

Written by:Shruty Kushwaha
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विवादास्पद टिप्पणी के इतने दिन बाद भी अधिकारी पर कोई कार्रवाई न होने से आक्रोशित मध्यप्रदेश का ब्राह्मण समाज अब निर्णायक लड़ाई के मूड में है। प्रदेशभर के 65 ब्राह्मण संगठन अब एक मंच पर आ गए हैं। ‘ब्राह्मण समाज संयुक्त मोर्चा’ के तहत लामबंद होते हुए उन्होंने 12 से 14 दिसंबर तक आंदोलन का ऐलान कर दिया है। तीन दिन के इस विरोध कार्यक्रम में शंखनाद से लेकर जनसंपर्क अभियान तक कई चरण शामिल होंगे। अंतिम दिन मुख्यमंत्री निवास के घेराव की तैयारी की गई है।
आईएएस संतोष वर्मा के खिलाफ एकजुट हुआ मध्यप्रदेश का ब्राह्मण समाज, 12 दिसंबर से तीन दिवसीय आंदोलन की घोषणा, 14 दिसंबर को सीएम हाउस का घेराव करेंगे

Brahmin Community Protest

मध्यप्रदेश में आईएएस संतोष वर्मा द्वारा की गई विवादित टिप्पणी के बाद अब तक कोई ठोस कार्रवाई न होने से आक्रोशित ब्राह्मण समाज ने आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। मध्यप्रदेश के 65 ब्राह्मण संगठन इस घटना को लेकर एकजुट हो गए हैं और उन्होंने ‘ब्राह्मण समाज संयुक्त मोर्चा’ का गठन कर तीन दिवसीय आंदोलन की घोषणा की है।

ब्राह्मण समाज संयुक्त मोर्चा के संयोजक वीरेंद्र शर्मा ने बताया कि 12 दिसंबर से तीन दिन तक अलग अलग तरह से विरोध प्रदर्शन किया जाएगा और तीसरे दिन अन्य सभी समाज के लोगों के साथ मिलकर मुख्यमंत्री निवास का घेराव किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ये सिर्फ किसी वर्ग विशेष की महिलाओं का नहीं, बल्कि सभी महिलाओं के सम्मान से जुड़ा मुद्दा है।

संतोष वर्मा के खिलाफ एकजुट हुआ ब्राह्मण समाज

मध्यप्रदेश के 65 ब्राह्मण संगठन आईएएस संतोष वर्मा के खिलाफ एकजुट हो गए हैं। मुख्यमंत्री मोहन यादव से उनके इस्तीफे की मांग करते हुए ‘ब्राह्मण समाज संयुक्त मोर्चा’ के संयोजक वीरेंद्र शर्मा ने आज एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। भोपाल में आयोजित पत्रकार वार्ता में उन्होंने कहा कि संतोष वर्मा पर इतने दिन बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है इसे लेकर ब्राह्मण समाज में आक्रोश है।

उन्होंने कहा कि “दुराचार का आईएएस अधिकारी मां बहनों के लिए इतने घृणित शब्दों का प्रयोग करता है कि जिस मंच का वो दुरुपयोग कर रहा था उसके वास्तविक अध्यक्ष भी उनकी निंदा करते हैं। उनका समाज भी उनकी निंदा करता है। बीजेपी कांग्रेस के तमाम नेता उनकी निंदा करते हैं। लेकिन सरकार की चुप्पी अचरज का विषय है। ये अचरज अब आक्रोश में बदलता जा रहा है। बिहार विधानसभा में इस मामले की गूंज उठी लेकिन मध्यप्रदेश विधानसभा में एक भी विधायक ने इसे लेकर कोई सवाल नहीं किया। ये बेहद शर्मनाक है।” उन्होंने कहा कि ये बात सिर्फ किसी वर्ग विशेष की महिलाओं के सम्मान की नहीं है। जब हम कन्या पूजन करते हैं तो ये नहीं देखते कि कौन सी बच्ची किस वर्ग या समाज की है। ऐसे में कोई जहरीला व्यक्ति ऐसे उद्गार प्रकट करता है और कानून अपना काम नहीं करता तो आक्रोश होना स्वाभाविक है।

तीन दिवसीय आंदोलन का ऐलान

ब्राह्मण समाज संयुक्त मोर्चा के संयोजक वीरेंद्र शर्मा ने इस आंदोलन की रूपरेखा के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 12 दिसंबर को दोपहर डेढ़ बजे वल्लभ भवन पर पुजारियों की नेतृत्व में शंख बजाकर सोई हुई सरकार को जगाने के लिए शंखनाद किया जाएगा। इसके बाद उसी शाम साढ़े सात बजे महाराणा प्रताप नगर में महाराणा प्रताप की प्रतिमा पर ब्राह्मण समाज के लोग एकत्र होंगे और शंखनाद कर इस लड़ाई में क्षत्रिय समाज के साथ अन्य समाज का सहयोगी मांगेंगे। 13 दिसंबर को हर समाज के वर्ग से फोन के माध्यम से और घर-घर जाकर संपर्क साधा जाएगा और उनसे सहयोग मांगा जाएगा कि वह 14 तारीख को होने वाले मुख्यमंत्री निवास के घेराव में अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित हों। इसके बाद 14 दिसंबर को दोपहर बारह बजे रोशनपुरा से मुख्यमंत्री निवास के लिए कूच किया जाएगा और मुख्यमंत्री निवास का घेराव किया जाएगा।