भोपाल।
मध्यप्रदेश शासन में अधिकारियों और कर्मचारियों के तबादले का दौर लगातार जारी है। इसी कड़ी में सोमवार को प्रशासन ने दो और अधिकारियों का तबादला आदेश जारी किया है। यह आदेश मध्यप्रदेश के मंत्रालय वल्लभ भवन के सामान्य प्रशासन विभाग से जारी किया गया है। दिनेश जैन बने सचिव लोक सेवा आयोग। आशीष सक्सेना सचिव सामान्य प्रशासन विभाग। सोनाली वायंगणकर सचिव जीडी के अतिरिक्त प्रभार से हुई मुक्त, अब केवल एमडी महिला वित्त एवं विकास निगम रहेंगी।
ये भी पढ़ें
1मध्यप्रदेश स्थापना दिवस: PM मोदी का CM मोहन यादव को पत्र, गिनाईं MP की उपलब्धियां, विकास कार्यों की सराहना की, मुख्यमंत्री ने जताया आभार
2नई MSME औद्योगिक विकास कंपनी का होगा गठन, निजी निवेशक भी बना सकेंगे औद्योगिक पार्क, अनुदान देगी सरकार: मुख्यमंत्री मोहन
3MP News: एससी छात्रों के लिए 16 नए छात्रावास स्वीकृत, 68.80 करोड़ की लागत से बनेंगे, निर्माण कार्य 2 वर्ष में होगा पूरा
4मध्य प्रदेश मौसम पर अपडेट, 4 नवंबर तक बारिश का दौर, आज रीवा-सतना समेत 15 जिलों में अलर्ट, पारे में गिरावट
भारतीय प्रशासनिक सेवा के 3 अधिकारियों की नवीन पद-स्थापना की गई है। आशीष सक्सेना विशेष कर्त्तव्यस्थ अधिकारी सह अपर आयुक्त नगरीय प्रशासन एवं विकास को सचिव सामान्य प्रशासन विभाग बनाया गया है। सक्सेना के कार्यभार ग्रहण करने पर श्रीमती सोनाली पोंक्षे वायंगणकर प्रबंध संचालक महिला वित्त एवं विकास निगम तथा सचिव सामान्य प्रशासन विभाग केवल सचिव सामान्य प्रशासन विभाग के प्रभार से मुक्त होंगी। दिनेश जैन अपर कलेक्टर जिला इंदौर को सचिव मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग इंदौर पदस्थ किया गया है।
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है।