सिंधिया की नाराजगी पर फिर CM कमलनाथ ने दिया बड़ा बयान

सिंधिया की नाराजगी पर फिर CM कमलनाथ ने दिया बड़ा बयान

भोपाल।
कांग्रेस नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया की नाराजगी को लेकर एक बार फिर सीएम कमलनाथ ने बड़ा बयान दिया है। कमलनाथ का कहना है कि मैं शिवराज से नाराज नहीं होता, सिंधिया से क्यों होऊंगा। बता दे कि बीते कई दिनों से मीडिया में ये खबरें सुर्खियां बनी हुई है कि सीएम कमलनाथ सिंधिया की बयानबाजी के चलते उनसे नाराज चल रहे है वही दोनों के बीच तकरार भी तेज है।

दरअसल, कमलनाथ ने यहां मिंटो हॉल में वैकल्पिक वित्तीय प्रबंधन से संबंधित एक दिवसीय कार्यशाला के उद्घाटन सत्र में शामिल होने पहुंचे थे। जहां मीडिया से चर्चा करते हुए सिंधिया से नाराज़गी पर सीएम कमलनाथ ने कहा कि मेरी किसी से कोई नाराज़गी नहीं है। मैं शिवराज से नाराज़ नहीं होता तो सिंधिया से कैसे होऊंगा। सिंधिया के सड़क पर उतरने वाले बयान को लेकर सीएम ने कहा कि मुझे जो कहना था पहले कह दिया है।मुख्यमंत्री ने कहा- अगर वो कह रहे हैं, तो मैंने जो कहा, कह दिया। इसमें कौन-सी बड़ी बात है। उन्होंने दोहराया- मध्य प्रदेश में फिलहाल नेशनल पॉपुलेशन रजिस्टर (एनपीआर) लागू नहीं किया जाएगा।

बता दे कि पिछले सप्ताह सिंधिया ने टीकमगढ़ में कहा था कि घोषणा पत्र में किया गया एक-एक वाक्य पूरा न हुआ तो वे सड़कों पर उतरेंगे। उन्होंने यह बात अतिथि शिक्षकों के नियमितीकरण को लेकर कही थी। इसके जवाब में शनिवार को दिल्ली में मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कोऑर्डिनेशन कमेटी की मीटिंग के बाद तल्ख लहजे में कहा था कि सिंधिया को सड़कों पर उतरना है तो उतरें।इसके बाद से ही दोनों की तकरार की खबरें मीडिया में सुर्खियां बनी हुई है। यहां तक कि इसी हफ्ते मतभेदों को मिटाने दोनों की मुलाकात भी होने की संभावना है।

Gaurav Sharma
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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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