मास्क नहीं लगाया तो दुकानदार पर लगेगा जुर्माना, तीन दिन के लिए बंद होंगी दुकानें

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भोपाल, डेस्क रिपोर्ट| राजधानी भोपाल (Bhopal) में कोरोना (Corona) के बढ़ते खतरे को देखते हुए कलेक्टर ने सख्ती बढ़ा दी है| कलेक्टर अविनाश लवानिया (Collector Avinash Lavaniya) ने कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए प्रभावी कार्यवाही करने के निर्देश दिए हैं। सभी एसडीएम को धारा 144 में जारी आदेश का पालन कराने के लिए कार्यवाही करने के लिए कहा है। मॉस्क नहीं लगाने और सोशल डिस्टेंस (Social Distance) का पालन नहीं होने पर व्यवसायिक संस्थानों पर जुर्माना और 3 दिन संस्थान बंद रखने की कार्रवाई की जायेगी|

कलेक्टर श्री लवानिया ने सभी राजस्व अधिकारी, नगर निगम और पुलिस विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया है कि शहर में कोरोना संक्रमण के फैलाव को रोकने के लिए सोशल डिस्टेंसिंग का पालन और इसके साथ ही मॉस्क लगाना अनिवार्य किया गया है। बाजारों और सार्वजनिक जगहों जहाँ भीड़-भाड़ रहती है उन जगहों पर मॉस्क लगाने के साथ ही सोशल डिस्टेंस का पालन अनिवार्य किया गया है । इसके लिए आवश्यक है कि शहर में जन-जागरूकता के लिए विशेष अभियान चलाया जाए। सभी व्यवसायिक संस्थानों, दुकानों, होटल, रेस्टोरेंट, चाय-पान की गुमठियों पर मॉस्क लगाए जाने के संदेश प्रदर्शित किए जाएं।

मास्क नहीं लगाने वाले दुकानदार पर होगी कार्रवाई
कलेक्टर ने कहा है कि लोगों को मॉस्क लगाया रखने के लिए प्रेरित किया जाए। पोस्टर बैनर लगाने के साथ ही दुकान, होटल आदि संस्थानों में बिना मॉस्क के प्रवेश न दिया जाए। यदि कोई संस्थान बिना मॉस्क के प्रवेश देता है और प्रबन्ध के कर्मचारी मॉस्क नहीं लगाए हुए हो तो उसके विरुद्ध कड़ी कार्यवाही कर आर्थिक जुर्माना लगाया जाए और इसके साथ ही दुकानों को सील करने की कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।

Gaurav Sharma
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पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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