नयागांव परिवहन चेकिंग प्वाइंट पर अवैध वसूली का आरोप, AIMTC ने DGP, IG और नीमच SP से की FIR की मांग

AIMTC ने DGP, IG और नीमच SP से FIR की मांग करते हुए स्टिंग वीडियो का हवाला दिया है जिसमें नकद और निजी UPI से राशि लेने, निजी व्यक्तियों की मौजूदगी के आरोप लगाये हैं।
Allegations of illegal extortion at MP transport checking points

Allegations of illegal extortion at MP transport checking points

मध्यप्रदेश के परिवहन चेकिंग प्वाइंटों पर कथित अवैध वसूली का मामला अब पुलिस तक पहुंच गया है। ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस (AIMTC) ने नीमच जिले के नयागांव परिवहन चेकिंग प्वाइंट को लेकर मध्यप्रदेश के DGP, उज्जैन रेंज IG और नीमच SP को पत्र लिखा है। संगठन ने उपलब्ध स्टिंग वीडियो की जांच कर आरोप सही पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की है।

यह पत्र 28 जुलाई को AIMTC की RTO एवं ट्रैफिक कमेटी के चेयरमैन सी.एल. मुकाती और राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. हरीश सबरवाल की ओर से भेजा गया है। इससे पहले AIMTC ने इसी मामले को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को भी पत्र भेजकर उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।

स्टिंग वीडियो में वसूली का आरोप

AIMTC ने पत्र में कहा है कि उसे नयागांव चेकिंग प्वाइंट का एक स्टिंग वीडियो मिला है, जिसे एक वाहन चालक ने रिकॉर्ड किया है। संगठन के मुताबिक वीडियो में राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थायी तंबू, गुमटी और बैरिकेड लगाकर नियमित चेकिंग किए जाने और वाहनों को रोककर कतार लगवाने जैसी स्थिति दिखाई दे रही है।

संगठन ने आरोप लगाया है कि वाहन चालकों से कथित तौर पर नकद और निजी UPI के जरिए राशि ली जाती है। चेकिंग स्थल पर कुछ ऐसे लोग भी दिखाई देने का दावा किया गया है, जिनकी वैधानिक भूमिका स्पष्ट नहीं है। AIMTC ने इन सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

पूछा- किसके आदेश से लगे तंबू, गुमटी और बैरिकेड?

AIMTC ने पुलिस अधिकारियों से यह भी जांच करने को कहा है कि नयागांव में स्थायी तंबू, गुमटी और बैरिकेड लगाने की अनुमति किस अधिकारी ने दी और स्थायी चेकिंग प्वाइंट किस वैधानिक आदेश के तहत संचालित किया जा रहा है। यदि इनके लिए वैधानिक अनुमति नहीं है तो इन्हें तत्काल हटाने की मांग की गई है।

CCTV, POS मशीन से लेकर UPI खातों तक जांच की मांग

संगठन ने नयागांव चेकिंग प्वाइंट का तत्काल पुलिस निरीक्षण कराने के साथ स्टिंग वीडियो की फॉरेंसिक जांच की मांग की है। इसके अलावा CCTV, बॉडी वॉर्न कैमरे, ड्यूटी रजिस्टर, POS मशीन, UPI लेन-देन, संबंधित मोबाइल नंबर और बैंक खातों की जांच कराने को कहा गया है।

AIMTC ने कहा है कि जांच में अवैध वसूली, अवैध रूप से मार्ग रोकना, सरकारी कार्य में निजी व्यक्तियों की अवैध संलिप्तता, लोक सेवक का प्रतिरूपण या अन्य अपराध के सबूत मिलते हैं तो BNS, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और अन्य लागू कानूनों के तहत कार्रवाई की जाए।

हाई कोर्ट के आदेश और परिवहन आयुक्त की SOP का हवाला

पत्र में मध्यप्रदेश हाई कोर्ट के 11 मई 2026 के आदेश और परिवहन आयुक्त की 16 अप्रैल 2025 की SOP का भी हवाला दिया गया है। AIMTC का कहना है कि यदि पुराने चेकपोस्ट के स्थान पर उसी तरह स्थायी चेकिंग व्यवस्था संचालित की जा रही है तो इसकी जांच जरूरी है।

संगठन ने भविष्य में राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर बिना वैधानिक अधिकार के स्थायी चेकिंग प्वाइंट, तंबू, गुमटी या बैरिकेड नहीं लगाने और परिवहन प्रवर्तन को वैधानिक एवं तकनीक आधारित व्यवस्था से संचालित करने की मांग की है। मध्यप्रदेश में सीमा चेकपोस्ट जुलाई 2024 से समाप्त किए गए थे।

Atul Saxena
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Atul Saxena

पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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