उमंग सिंघार ने इंदौर के भागीरथपुरा जल त्रासदी को लेकर एक बार फिर सरकार पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि सरकार और प्रशासन जनता को गुमराह कर रहे हैं और मौतों की वास्तविक संख्या को कम दिखाने का प्रयास कर रहे हैं। इससे पहले भी वो सरकार से सवाल करते हुए इस मामले में जिम्मेदारी और जवाबदेही तय करने की मांग कर चुके हैं।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा है कि सरकार दावा कर रही है कि 21 मृतकों को मुआवज़ा दिया गया है, जबकि अदालत में मुख्य सचिव ने कहा कि सिर्फ 15 मौतें हुईं हैं। वही स्थानीय लोग और विपक्ष का दावा है कि मरने वालों की वास्तविक संख्या 24 है, और इससे अधिक परिवार प्रभावित हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार और प्रशासन मरने वालों की संख्या कम दिखाने की कोशिश कर रहे हैं।
उमंग सिंघार ने बीजेपी को घेरा
उमंग सिंघार ने आरोप लगाया है कि इंदौर जल त्रासदी मामले में सरकार मौतों की संख्या को कम करके दिखा रही है। उन्होंने कहा है कि “सरकार कह रही है 21 लोगों को मुआवज़ा दिया। जबकि कोर्ट में CS कह रहे हैं कि 15 मौतें हुईं। लेकिन पूरा प्रदेश जानता है कि इंदौर जल कांड में 24 लोगों की जान गई। 24 परिवार उजड़ गए।”
प्रदेश सरकार से किए सवाल
कांग्रेस नेता ने मुख्यमंत्री मोहन यादव के उस बयान पर भी सवाल उठाया जिसमें उन्होंने कहा था कि “आँकड़ों पर मत जाइए”। सिंघार ने इसे शर्मनाक बताते हुए कहा कि “भाजपा के लिए ये मौतें इंसान नहीं, सिर्फ आँकड़े हैं। मौतें कम गिन लेने से दर्द कम नहीं होता। आँकड़े बदलने से सच नहीं बदलता।” उमंग सिंघार ने कहा कि यह प्रशासनिक विफलता नहीं, बल्कि नैतिक पतन है। उन्होंने सवाल किया कि आखिर इन 24 मौतों की ज़िम्मेदारी कौन लेगा। बता दें कि कि कांग्रेस इस मामले को लेकर लगातार सरकार पर हमलावर है। एक दिन पहले भी उमंग सिंघार ने इस मामले पर सरकार को घेरते हुए कहा था कि बीजेपी प्रदेश में साफ पेयजल मुहैया कराने में असफल रही है। इसी के साथ उन्होंने जनता से अपील की थी कि जब तक उन्हें स्वच्छ पानी उपलब्ध न हो वो टैक्स और बिल न दें और खुद वॉटर ऑडिट करें।





