इंदौर एमवाय अस्पताल मामला: हाईकोर्ट ने लिया स्वत: संज्ञान, केके मिश्रा ने बीजेपी पर साधा निशाना , कहा ‘सरकार जी, मगरमच्छों पर प्रहार कीजिए’

कांग्रेस नेता ने सरकार और अस्पताल प्रशासन पर तीखा हमला किया है। उन्होंने अस्पताल को ‘यम’ अस्पताल करार दिया और सवाल उठाया कि पेस्ट कंट्रोल और सुरक्षा व्यवस्था की अनदेखी किसने की। उन्होंने आरोप लगाया कि असली जिम्मेदारों पर कार्रवाई नहीं हो रही है।
KK Mishra

EOW Corruption Allegations KK Mishra

इंदौर के एमवाय अस्पताल में चूहों के कुतरने से दो नवजात शिशुओं की मौत के मामले में मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने बुधवार को स्वत: संज्ञान लिया है। न्यायमूर्ति विवेक रूसिया और न्यायमूर्ति जेके पिल्लई की युगलपीठ ने इस गंभीर मामले में याचिका दायर कर राज्य सरकार से जवाब तलब किया है। कोर्ट ने सरकार को निर्देश दिया है कि वह 15 सितंबर तक या इससे पहले स्टेटस रिपोर्ट पेश करें।

इसके बाद अब कांग्रेस नेता केके मिश्रा ने इस घटना पर सरकार और अस्पताल प्रशासन पर फिर निशाना साधा है। उन्होंने इसे ‘यम’ अस्पताल की संज्ञा देते हुए कहा कि यह घटना सरकार और भ्रष्ट तंत्र की असंवेदनशीलता को दर्शाती है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर वे कौन लोग हैं जिन्होंने एजाइल सिक्योरिटी के साथ अनुबंध किया और पेस्ट कंट्रोल के कार्यों की अनदेखी की।

हाईकोर्ट ने सरकार से मांगी रिपोर्ट

इंदौर के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल एमवायएच की एनआईसीयू में दो नवजात शिशुओं को चूहों ने कुतर दिया, जिसके बाद दोनों की मृत्यु हो गई। इस घटना को लेकर देशभर में लोगों का रोष देखने को मिला और राहुल गांधी सहित कई नेताओं ने इसे लेकर बीजेपी को निशाने पर भी लिया। अब एक दिन पहले मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने इसपर स्वत: संज्ञान लेते हुए प्रदेश सरकार को पंद्रह सितंबर कर रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि सरकार स्टेटस रिपोर्ट में यह स्पष्ट करे कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं।

केके मिश्रा ने प्रदेश सरकार को घेरा

इस मामले पर कांग्रेस नेता केके मिश्रा ने सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि इंदौर के ‘यम’ अस्पताल में चूहों के कुतरने से हुई दो मासूमों की दुःखद मौत के बाद असंवेदनशीलता और प्रशासनिक उदासीनता साफ़ नजर आ रही है। उन्होंने कहा कि उच्च न्यायालय ने स्वतः संज्ञान लेकर जो कदम उठाया है, वह अपरिहार्य था। कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि जिम्मेदार अधिकारियों ने अपना कुरुप चेहरा बचाने के लिए ताबड़तोड़ कार्रवाई की, किसी को हटाया, किसी को निलंबित किया और किसी को लंबी छुट्टी पर भेजा। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि आखिर कौन और किस प्रकार “एजाइल सिक्योरिटी” और अन्य पेस्ट नियंत्रण व्यवस्थाओं की निगरानी कर रहा था और बच्चों की मौत के कारणों को क्यों छुपाया गया। उन्होंने तंज करते हुए कहा कि ‘सरकार जी, प्रहार मगरमच्छों पर कीजिए जो प्रदेश, असहायों और गरीबों को कुतर नहीं, लहुलुहान कर रहे हैं’।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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