
भारतीय समाज में वृद्ध यानि बुजुर्ग का सम्मान करना सर्वोपरि है, बचपन से ही ये शिक्षा घरों में दी जाती है कि बड़े बुजुर्गों का आदर करो और उनसे सभ्यता से बात करो चाहें वो अपने परिवार के हों या अन्य किसी के परिवार के हो, उनका अनादर नहीं करना चाहिए, दुनिया में कई देशों ने इसके लिए एक दिन निश्चित किया है जिसे अन्तर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस कहते हैं ये 1 अक्टूबर को मनाया जाता है।
भारत में भी अन्तर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस मनाया जाता है, इस दिन देश में कई तरह के कार्यक्रम आयोजित किये जाते हैं, मध्य प्रदेश में इस साल 1 अक्टूबर को इस खास दिन पर कई कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे, मध्य प्रदेश के सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण मंत्री नारायण सिंह कुशवाह ने कहा कि इस वर्ष एक अक्टूबर को प्रदेश के सभी जिला मुख्यालायों पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएगे।
इस विशेष थीम पर केन्द्रित होंगे आयोजन
मंत्री कुशवाह ने कहा कि इस साल 1 अक्टूबर को मनाये जाने वाले अन्तर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के लिए एक विशेष थीम सोची गई है, उन्होंने कहा 1 अक्तूबर 2025 को मनाये जाने वाला अन्तर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस “समावेशी भविष्य के लिए वृद्धजन की पहचान को सशक्त बनाना” विषय पर केन्द्रित रहेगा। इसका मुख्य उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों की समाज में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना और उन्हें समावेशी भविष्य के निर्माण में सशक्त पहचान दिलाना है।
वरिष्ठ नागरिकों के प्रति सम्मान और संवेदनशीलता
मंत्री नारायण सिंह ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के आयोजन से प्रदेश में वरिष्ठ नागरिकों के प्रति सम्मान और संवेदनशीलता की भावना को बढ़ावा मिलेगा, साथ ही समाज में उनके अनुभव और मार्गदर्शन की उपयोगिता को भी पुनः रेखांकित किया जाएगा। यह आयोजन प्रदेश की उस प्रतिबद्धता का प्रतीक है, जिसमें बुजुर्गों को समाज की धरोहर मानते हुए उन्हें सम्मान और सहयोग प्रदान करना सर्वोच्च प्राथमिकता है।
सांस्कृतिक कार्यक्रम, जनजागरूकता गतिविधियां होंगी
सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण विभाग की प्रमुख सचिव सोनाली वायगणकर ने बताया कि कार्यक्रम की थीम “समावेशी भविष्य के लिए वृद्धजन की पहचान को सशक्त बनाना” निर्धारित की गई है। जिला स्तर पर वरिष्ठ नागरिकों के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रम, संवाद-सत्र एवं जनजागरूकता गतिविधियां होंगी। इन आयोजनों का मुख्य फोकस यह रहेगा कि वृद्धजन केवल परिवार और समाज के अनुभव का आधार ही नहीं, बल्कि सक्रिय भागीदारी के माध्यम से समाज के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें।
जिलास्तर पर दिया जायेगा शतायु सम्मान
विशेष आकर्षण के रूप में प्रत्येक जिले में ‘शतायु सम्मान’ का आयोजन किया जाएगा, जिसमें 100 वर्ष या उससे अधिक आयु पूर्ण कर चुके वृद्धजनों को सार्वजनिक रूप से सम्मानित किया जाएगा। इस पहल से राज्य सरकार का उद्देश्य बुजुर्गों के प्रति सम्मान और संवेदनशीलता का संदेश देना है। सभी जिला कलेक्टर और विभाग के जिला अधिकारियों को इस संबंध में निर्देश जारी किए हैं। कार्यक्रमों का स्वरूप स्थानीय परिस्थितियों और संसाधनों के अनुरूप होंगे और प्रत्येक जिले में अधिक से अधिक वरिष्ठ नागरिकों की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी।
1990 में संयुक्त राष्ट्र ने की थी इस दिन को मनाने की घोषणा
संयुक्त राष्ट्र ने वृद्ध व्यक्तियों के मूल्यों और योगदान के सम्मान में 1990 में अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस की घोषणा की थी तभी से 1 अक्टूबर को अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस मनाया जाता है, इस दिन बुजुर्गों के सम्मान में कार्यक्रम आयोजित किये जाते हैं उन्हें ये अहसास कराया जाता है कि वे अकेले नहीं हैं, वे कमजोर नहीं हैं उनका परिवार, पूरा समाज उनके साथ है और उनके अनुभवों का लाभ लेना चाहता है, जिससे समाज को सही दिशा मिल सके और उन्नति हो सके ।
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