International Migrants Day : प्रवासियों के अधिकारों और योगदान को याद करने का दिन, अंतर्राष्ट्रीय प्रवासी दिवस पर सीएम डॉ. मोहन यादव ने दी शुभकामनाएं

आज का दिन प्रवासियों के मानवाधिकारों की सुरक्षा पर ज़ोर देने, दुनिया भर के प्रवासियों के योगदान और प्रयासों को मान्यता देने और प्रवास की चुनौतियों और कठिनाइयों के बारे में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य के साथ मनाया जाता है। यहां ये बात उल्लेखनीय है कि भारत का प्रवासी समुदाय दुनिया में सबसे बड़ा है। संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2020 में सबसे ज्यादा भारत के लोग विदेश में रह रहे हैं। 
International Migrants Day

International Migrants Day : आज अंतर्राष्ट्रीय प्रवासी दिवस है। हर साल 18 दिसंबर को ये दिन प्रवासियों के योगदान को मान्यता देने और उनके अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से मनाया जाता है। दुनिया भर में अंतरराष्ट्रीय प्रवासियों की संख्या लगभग 272 मिलियन है जो दुनिया की आबादी का 3.5% है। भारत का प्रवासी समुदाय दुनिया में सबसे बड़ा है। भारत से सबसे ज़्यादा 3.54 करोड़ लोग प्रवासी हैं।

सीएम मोहन यादव ने आज के दिन शुभकामनाएं देते हुए एक्स पर लिखा है कि ‘अंतर्राष्ट्रीय प्रवासी दिवस पर सभी प्रवासी भारतीय भाई-बहनों को हार्दिक बधाई। “वसुधैव कुटुम्बकम्” के मंत्र को आत्मसात करते हुए विभिन्न देशों की समृद्धि में अपना योगदान देने वाले हमारे प्रवासी भाई-बहनों ने भारत का गौरव पूरे विश्व में बढ़ाया है। आप निरंतर सफलता की नई ऊंचाइयों को स्पर्श करते रहें; यही शुभकामनाएं हैं।’

International Migrants Day : दुनिया में हैं सबसे ज्यादा भारतीय प्रवासी

प्रवासियों के सामाजिक-आर्थिक योगदान और उनके सामने आने वाली चुनौतियों को उजागर करने के लिए हर साल 18 दिसंबर को अंतर्राष्ट्रीय प्रवासी दिवस मनाया जाता है। इस दिन का मकसद प्रवासियों के योगदान और चुनौतियों को सम्मान देना होता है। 1970 के बाद से, अपने जन्म देश के अलावा किसी दूसरे देश में रहने वाले लोगों की संख्या तीन गुनी हो गई है, जिसे देखते हुए इस दिन का महत्व और बढ़ जाता है। यूरोप में सबसे ज़्यादा अंतर्राष्ट्रीय प्रवासी रहते हैं। इसके बाद उत्तरी अमेरिका और उत्तरी अफ्रीका और पश्चिमी एशिया का स्थान आता है। दुनिया में भारत का प्रवासी समुदाय सबसे बड़ी संख्या में है। प्रवासी भारतीय, दुनिया के कई देशों में फैले हुए हैं। इंटरनेशनल आर्गेनाइज़ेशन फ़ॉर माइग्रेशन (आईओएम) की 2020 की ग्लोबल माइग्रेशन रिपोर्ट के मुताबिक, दुनिया में सबसे ज़्यादा प्रवासी भारतीय मूल के लोग हैं।

अंतर्राष्ट्रीय प्रवासी दिवस का इतिहास और महत्व

वर्ष 2000 में संयुक्त राष्ट्र महासभा ने प्रवासियों की बढ़ती संख्या को ध्यान में रखते हुए 18 दिसंबर को अंतर्राष्ट्रीय प्रवासी दिवस घोषित किया था। 18 दिसंबर 1990 में, महासभा ने सभी प्रवासी श्रमिकों और उनके परिवारों के अधिकारों के संरक्षण पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन पर एक प्रस्ताव अपनाया था जिसकी वर्षगांठ के रूप में ये दिन मनाया जाता है। इस दिन कार्यक्रमों और आयोजनों के ज़रिए प्रवासियों के सामने आने वाली चुनौतियों और कठिनाइयों के बारे में जागरूक किया जाता है। अंतर्राष्ट्रीय प्रवासी दिवस हमें याद दिलाता है कि प्रवासी हमारे समाज का अभिन्न हिस्सा हैं और उनके अधिकारों की रक्षा करना और उनके योगदान को मान्यता देना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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