जीतू पटवारी और दिग्विजय सिंह के बयान पर सियासत तेज, पीसी शर्मा उतरे समर्थन में, रामेश्वर शर्मा का पलटवार

रामेश्वर शर्मा ने कहा दिग्विजय सिंह ने कुछ हमसे प्रेरणा लेने की कोशिश की होगी तो हमने कहा सुधरो .. सुधर जाओगे तो अच्छा है , संसार में तो सबको सुधरने का मौका मिलता है।
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मध्य प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष जीतू पटवारी के वनवास वाले बयान पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के आरएसएस, भाजपा के समर्थन वाले पोस्टर एवं बयान के बाद मध्य प्रदेश में सियासत तेज हो गई है, पूर्व मंत्री पीसी शर्मा एन दोनों नेताओं का बचाव करते हुए उनके बयानों का अर्थ मीडिया को समझया लेकिन भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने बयानों पर पलटवार किया है।

मध्य प्रदेश में इन दिनों सियासी पारा चढ़ा हुआ है, हालाँकि इस समय कोई चुनाव नहीं है फिर भी बयानवीर नेता कुछ ना कुछ ऐसा कह जाते हैं जिससे सियासी हलचल बढ़ जाती है, पिछले दिनों पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने आडवाणी और नरेंद्र मोदी की फोटो शेयर कर आरएसएस, भाजपा संगठन की तारीफ कर दी थी अब जीतू पटवारी ने “वनवास झेल रहा हूँ” कहकर नया शिगूफा छोड़ दिया जिसपर बहस शुरू हो गई है।

जीतू पटवारी के वनवास वाले बयान का अर्थ समझाया वरिष्ठ नेता ने  

राजधानी भोपाल में मीडिया ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पूर्व मंत्री पीसी शर्मा से प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी द्वारा “वनवास झेल रहा हूँ” वाले बयान पर उनकी प्रतिक्रया जानना चाही तो उन्होंने जीतू पटवारी के कहने का अर्थ समझा दिया, पीसी शर्मा ने कहा पटवारी का मंतव्य यही है कि वनवास में रहकर भगवान राम ने रावण को मारा था, ऐसी ही परिस्थितियां मध्य प्रदेश में हैं और पटवारी इसकी सफाई करेंगे और उनका वनवास पूरा होगा, नेताओं में गुटबाजी के सवाल को ख़ारिज करते हुए पूर्व मंत्री ने कहाजीतू पटवारी पूरी ताकत से जनता की बात को उठा रहे हैं, उनका बड़ा संघर्ष रहा है और मेरा मानना है कि संघर्ष का पॉजिटिव रिजल्ट ही आएगा।

दिग्विजय सिंह के बयान और निष्ठा पर ये बोले पीसी शर्मा 

पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह की पोस्ट और बयान के बाद भाजपा के वरिष्ठ नेता कैलाश विजयवर्गीय द्वारा उन्हें समर्थन दिए जाने के सवाल पर पीसी शर्मा ने कहा दिग्विजय सिंह एक ऐसे नेता हैं जिन्होंने हमेशा संगठन की मजबूती के लिए बात की है, वे कांग्रेस की मजबूती के लिए बात करते हैं, महाराष्ट्र ,हरियाणा, मध्य प्रदेश, बिहार लगातार हार जो हुई है उसे लेकर वह सजग हैं, लगातार हार खत्म हो और कांग्रेस जीते और राहुल गांधी प्रधानमंत्री बने वे इस तरफ ठोस कदम उठा रहे हैं, निष्ठा के सवाल पर उन्होंने कहा दिग्विजय सिंह की निष्ठा कांग्रेस के प्रति है नेहरू गांधी परिवार के प्रति भी उनकी निष्ठा रही है भाजपा भी दिग्विजय सिंह की निष्ठा को लोहा मानती है।

रामेश्वर शर्मा का तंज, खुद राम बनोगे तो स्थाई वनवास मिलेगा

जीतू पटवारी और दिग्विजय सिंह के बयानों पर भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने पलटवार किया है, पूर्व मंत्री पीसी शर्मा द्वारा जीतू पटवारी की तुलना राम से करने पर रामेश्वर शर्मा ने कहा, कांग्रेस ने वनवास दिया है तो वह जाने लेकिन राम से खुद की तुलना मत करो, खुद को राम बताने की कोशिश मत करो, उनके पदचिन्हों पर चलो, राम के चरणों की धूल बनो, खुद राम बनोगे तो ऐसा स्थाई वनवास मिलेगा कि कोई वापस नहीं ला पाएगा।  भाजपा विधायक ने दिग्विजय सिंह के बयान पर भी निशाना साधा।

भाजपा विधायक की कांग्रेस नेताओं को नसीहत, सुधर जाओगे तो अच्छा है

दिग्विजय सिंह के बयान के स्वागत के सवाल पर रामेश्वर शर्मा ने कहा कि हमारी पार्टी कोई उनका स्वागत नहीं कर रही , जब जिसके जैसे विचार होते हैं हम उस विचार के आधार पर उनको सद्भावना व्यक्त करते हैं उन्होंने कुछ हमसे प्रेरणा लेने की कोशिश की होगी तो हमने कहा सुधरो .. सुधर जाओगे तो अच्छा है , संसार में तो सबको सुधरने का मौका मिलता है। रामेश्वर शर्मा ने कहा जब जब हमने राम मंदिर की बात की दिग्विजय सिंह के कभी समर्थन नहीं किया।

अब तक राम मंदिर नहीं जाने पर रामेश्वर शर्मा ने दिग्विजय सिंह को लिया निशाने पर 

भाजपा विधायक ने कहा दिग्विजय सिंह ने तो आजतक राम मंदिर के दर्शन नहीं किये जब आप जैसे पत्रकारों ने ही उनसे इस पर सवाल किया तो उन्होंने कहा अहम् ब्रह्मास्मि.. यानि वे स्वयं ही ब्रह्मा हो गए तो माजर पर चादर चढ़ाते समय दिग्विजय ब्रह्मा नहीं हुए , चर्च जाकर क्रोस चूमने वाले दिग्विजय सिंह तब ब्रह्मा नहीं हुए, वे ये क्यों नहीं कहते कि मुसलमान आक्रांताओं के तलवे चाट रहे हैं इसलिए मंदिर नहीं जा रहे, या फिर राहुल गांधी, सोनिया गांधी का डर उन्हें रोक रहा है क्या? यदि वे सनातनी हिन्दू हैं तो सीना ठोक कर कहें कि मैं राम मंदिर दर्शन करने जाऊँगा।

Atul Saxena
लेखक के बारे में
Atul Saxena

पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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