किर्गिस्तान में फँसे भारतीय छात्रों को लेकर जीतू पटवारी ने उठाए सवाल, पूछा ‘क्या कर रही है डबल इंजन की सरकार’

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि किर्गिस्तान से अपने स्टूडेंट्स को निकालने के लिए पाकिस्तान सरकार ने फ्री ऑफ कास्ट फ्लाइट भेजी है, लेकिन भारत सरकार अभी तक बेफिक्र नजर आ रही है। सभी यह उम्मीद कर रहे हैं कि संकट के गंभीर दौर में मध्यप्रदेश के साथ केंद्र सरकार भी प्राथमिकता से पहल करेगी और बच्चों की सुरक्षित वापसी के प्रयास करेगी। लेकिन बीजेपी सरकार के रवैए से बहुत निराशा हो रही है।
jitu patwari

Congress raised questions on Kyrgyzstan situation : प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने किर्गिस्तान में फँसे मध्य प्रदेश के छात्रों को लेकर प्रदेश सरकार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने पूछा है कि अब तक बच्चों को वापस लाने के लिए कोई ठोस कदम क्यों नहीं उठाए गए हैं। बता दें कि दो दिन पहले सीएम मोहन यादव ने कहा था कि उनकी कुछ छात्रों से फ़ोन पर बात हुई है और सरकार उनकी सुरक्षा के लिए हर कदम उठा रही है।

कांग्रेस ने उठाए सवाल

जीतू पटवारी ने एक्स पर लिखा है कि ‘किर्गीस्तान से मध्य प्रदेश को 1200 बच्चे फंसे हैं! मप्र सरकार ने उन्हें वहां से सुरक्षित बाहर निकालने का “भरोसा” दिया है लेकिन, राजनीतिक वादे की तरह उन्हें वापस लाने के लिए कोई इंतजाम नहीं किए। स्टूडेंट्स का कहना है, पाकिस्तान अपने छात्रों को यहां से निकाल चुका है, परंतु भारत सरकार ने अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया है! केवल बयान और मीडिया हैडलाइंस में सरकार सक्रिय है। हकीकत में मदद जैसा कुछ नहीं है। जो बच्चे फ्लैट में रह रहे हैं, वे बाहर ही निकल नहीं पा रहे हैं। खाने-पीने का सामान खत्म हो गया है। उन्हें भूखे ही रहना पड़ रहा है, क्योंकि बाहर निकलते ही मारपीट हो रही है। लोकल लोग लड़कियों से भी मारपीट कर रहे हैं’।

‘वापस लाने के लिए क्या कर रही है सरकार’ 

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि ‘बच्चों का कहना है पहले इंडियन स्टूडेंट्स का वापसी टिकट करीब 15-20 हजार रुपए में हो जाता था, लेकिन जब से हालात बिगड़े हैं, 50 हजार रुपए में फ्लाइट का टिकट हो रहा है। यह सभी के लिए संभव नहीं है। बच्चों ने नाराजगी जताते हुए मीडिया से यह भी कहा है कि किर्गिस्तान से अपने स्टूडेंट्स को निकालने के लिए पाकिस्तान सरकार ने फ्री ऑफ कास्ट फ्लाइट भेजी है, लेकिन भारत की सरकार अभी तक बेफिक्र नजर आ रही है। किर्गिस्तान में फंसे भारतीय स्टूडेंट्स ने भारत सरकार, इंडियन एंबेसी और विदेश मंत्री को सोशल मीडिया पर टैग किया, गुहार भी लगाई, लेकिन कुछ रिस्पॉन्स नहीं मिला। इस स्थिति में बच्चे ज्यादा निराश और डरे हुए हैं।’

सीएम मोहन यादव से पूछा- क्यों हैं खामोश 

उन्होंने कहा है कि ‘मोहन यादव जी, मैंने पहले भी उदाहरण देकर अनुरोध किया था, इसके बाद बीजेपी सरकार मीडिया और बयानों में तो नजर आई, लेकिन बच्चों की बातों से हकीकत फिर सामने है। डबल इंजन कहां है, क्या कर रहा है? मुझे जानकारी मिली है कि बिश्केक में फ्लैट में रहने वाले बच्चों को कुछ मकान मालिक बाहर निकाल रहे हैं! जब वे बाहर जा रहे हैं, तो स्थानीय लोगों के हमले का शिकार हो रहे हैं! क्या आपको यह सब नहीं पता है? हैरान बच्चों के साथ उनके परिजन भी बहुत परेशान हैं। सभी यह उम्मीद कर रहे हैं कि संकट के गंभीर दौर में मध्यप्रदेश के साथ केंद्र सरकार भी प्राथमिकता से पहल करेगी और बच्चों की सुरक्षित वापसी के प्रयास करेगी। लेकिन बीजेपी सरकार के रवैए से बहुत निराशा हो रही है। पीड़ित परिवार जानना चाहते हैं कि चुनावी रैलियों में झूठ परोस रहे प्रधानमंत्री को हमारे भूखे बच्चों की चिंता क्यों नहीं है? मुख्यमंत्री क्यों खामोश हैं?’

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
Follow Us :GoogleNews