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अमित शाह के मध्यप्रदेश दौरे के बीच जीतू पटवारी ने किए पाँच सवाल, कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर बीजेपी को घेरा, कहा- सिर्फ भाषण नहीं, सुरक्षा चाहिए

Written by:Shruty Kushwaha
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कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने राज्य की कानून-व्यवस्था को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री मोहन यादव से गृह विभाग संभल नहीं रहा है, प्रदेश में अपराध की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है और केंद्र तथा राज्य सरकार हालात सुधारने में विफल रही हैं।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज मध्यप्रदेश दौरे पर हैं और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कानून व्यवस्था को लेकर उनसे सवाल किए हैं। उन्होंने गृहमंत्री का स्वागत करते हुए पांच सवाल किए जिसमें कहा गया है कि मध्य प्रदेश में कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है, लेकिन केंद्र सरकार और गृह मंत्रालय इस स्थिति पर आंखें मूंदे हुए हैं।

कांग्रेस नेता ने कहा कि “मध्य प्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। मुख्यमंत्री मोहन यादव से गृह विभाग संभल नहीं रहा। मध्य प्रदेश को सिर्फ भाषण नहीं, ठोस कानून व्यवस्था और सुरक्षा चाहिए।” उन्होंने ये सवाल भी किया कि इतने वर्षों में आपने इस राज्य के लिए कोई विशेष सुरक्षा हस्तक्षेप योजना क्यों नहीं बनाई।

अमित शाह से जीतू पटवारी ने किए सवाल

अपने मध्यप्रदेश दौरे में अमित शाह आज ग्वालियर के मेला ग्राउंड में ‘अभ्युदय मध्यप्रदेश ग्रोथ समिट’ में शामिल हो रहे हैं। इसके बाद वे रीवा जिले में आयोजित कृषक सम्मेलन कार्यक्रम में भी सम्मिलित होंगे। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने केंद्रीय गृह मंत्री के एमपी आने पर उनका स्वागत तो किया, लेकिन साथ ही प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर ये पांच गंभीर सवाल भी किए हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर किए इन सवालों के साथ कांग्रेस नेता ने कहा है कि “मुख्यमंत्री मोहन यादव से गृह विभाग संभल नहीं रहा। मध्य प्रदेश को सिर्फ भाषण नहीं, ठोस कानून व्यवस्था और सुरक्षा चाहिए।”

ये पाँच सवाल पूछे

  1. मध्य प्रदेश में 20,000 से अधिक पुलिस पद खाली हैं, जिसके चलते अपराध लगातार बढ़ रहे हैं। आपने अब तक राज्य में इस स्थिति पर ठोस हस्तक्षेप क्यों नहीं किया?
  2. NCRB के आंकड़ों में महिलाओं और आदिवासियों के खिलाफ अपराधों में मध्य प्रदेश देश के शीर्ष राज्यों में है। इतने वर्षों में आपने इस राज्य के लिए कोई विशेष सुरक्षा हस्तक्षेप योजना क्यों नहीं बनाई?
  3. आदिवासी बहुल जिलों में अत्याचार निवारण कानून के मामलों में गिरफ्तारी, चार्जशीट और सजा की दर बेहद कमजोर है। गृह मंत्रालय ने इन जिलों में विशेष पुलिस व्यवस्था और जवाबदेही अब तक तय क्यों नहीं की?
  4. मंदसौर के मल्हारगढ़ थाने को आपने स्वयं देश के सर्वश्रेष्ठ पुलिस थानों में से एक घोषित किया था। उसी थाने में एक निर्दोष छात्र को ड्रग्स तस्करी के मामले में फंसाने का गंभीर आरोप सामने आया है। आखिर इस तरह की फर्जी रेटिंग किस आधार पर दी जा रही है?
  5. मध्य प्रदेश में 23,000 से अधिक बेटियां लापता हैं और 575 से ज्यादा बलात्कार के आरोपी खुले घूम रहे हैं। यह कानून व्यवस्था के पूर्ण पतन को दर्शाता है। इतने बड़े और गंभीर आंकड़ों के बावजूद गृह मंत्रालय ने अब तक राज्य पुलिस की जवाबदेही तय करने के लिए क्या ठोस कदम उठाए हैं?

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha
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