जेएनयू में पीएम मोदी और अमित शाह के खिलाफ नारेबाजी को विश्वास सारंग ने बताया ‘देशद्रोह’, कहा- हिंदुस्तान का देशभक्त नागरिक इसे स्वीकार नहीं करेगा

इस मामले पर मध्यप्रदेश सरकार के मंत्री ने कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि देश की चुनी हुई सरकार के खिलाफ इस तरह की भाषा स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि ऐसी मानसिकता का निर्माण तब होता है जब विपक्ष के नेता विदेशों में हिंदुस्तान के खिलाफ अनर्गल बातें करते हैं।
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Vishwas Sarang

जेएनयू  कैंपस में सोमवार रात को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ विवादित नारों को लेकर राजनीतिक तापमान बढ़ गया है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा उमर खालिद और शरजील इमाम को जमानत देने से इंकार करने के बाद हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों ने आपत्तिजनक और भड़काने वाले नारे लगाए, जिनमें प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को निशाना बनाया गया।

इसे लेकर मध्यप्रदेश कैबिनेट मंत्री विश्वास सारंग ने कड़ी प्रतिक्रिया जताते हुए कहा है कि ऐसी मानसिकता का निर्माण तब होता है जब विपक्ष के नेता विदेशों में जाकर देश की चुनी हुई सरकार और संवैधानिक व्यवस्था पर सवाल उठाते हैं। उन्होंने कहा कि पीएम को गाली देना देश की जनता को गाली देना है और कोई भी देशभक्त नागरिक इस तरह की बातों को स्वीकार नहीं करेगा।

जेएनयू में पीएम मोदी और अमित शाह के खिलाफ लगे नारे

जेएनयू एक बार फिर विवादों में घिर गया है। सोमवार रात कैंपस में छात्रों के एक समूह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ आपत्तिजनक नारे लगाए। सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिल्ली दंगों की साजिश मामले में उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत याचिका खारिज होने के बाद जारी विरोध प्रदर्शन में ये नारे लगाए गए। रिपोर्ट्स के मुताबिक़, ये प्रदर्शन साबरमती हॉस्टल के बाहर हुआ जहां पर पीएम मोदी और अमित शाह के खिलाफ आपत्तिजनक नारेबाजी हुई।

विश्वास सारंग ने निंदनीय और देशद्रोह करार दिया

इसे लेकर बीजेपी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। मध्यप्रदेश सरकार में मंत्री विश्वास सारंग ने इस मामले पर कहा है कि जेएनयू में जिस तरह की नारेबाजी हुई हैं..वो निंदनीय भी है और ये मामला देशद्रोह की श्रेणी में आता है। उन्होंने कहा कि “इस मानसिकता की शुरुआत राहुल गांधी के विदेशी दौरे से होती है। जब राहुल गांधी विदेश दौरे में देश की चुनी हुई सरकार पर इल्ज़ाम लगाते हैं तो ऐसे लोगों को संरक्षण मिलता है। विपक्ष के नेता देश की सेना पर प्रश्नचिन्ह लगाते हैं, आतंकवाद को संरक्षण देने का काम करते हैं, तुष्टिकरण की राजनीति के के कारण देश को तोड़ने और समाप्त करने जैसे बयान देते हैं। चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर प्रश्नचिन्ह लगाकर पूरी दुनिया में हिंदुस्तान को बदनाम करने की कोशिश करते हैं तो ऐसी मानसिकता को संरक्षण मिलता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को गाली देना हिंदुस्तान की जनता को गाली देना है। कांग्रेस और वामपंथी दल छात्रों को गुमराह करने की कोशिश करते आए हैं। जब राहुल गांधी विदेश दौरे पर जाकर हिंदुस्तान के मान सम्मान को ठेस पहुंचाते है तो ऐसी मानसिकता को संरक्षण मिलता है। ये बातें आपत्तिजनक है, देशद्रोह है।” विश्वास सारंग ने कहा कि भारत में रहने वाला कोई भी  देशभक्त नागरिक इस तरह की बातों को स्वीकार नहीं करेगा।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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