कैलाश विजयवर्गीय के निर्देश, सड़क पर बोर्ड लगाकर निर्माण एजेंसी और निविदा शर्तों के बारे में दें जानकारी, गुणवत्ता से समझौता नहीं

निर्देशों में कहा गया है कि प्रत्येक कार्य को प्रारंभ करने से पूर्व एवं समाप्ति के बाद जियो टैग फोटो का संधारण अनिवार्य रूप से किया जाये। निविदा की शर्तों का डिजिटाइजेशन किया जाये।
Kailash Vijayvargiya

बारिश में उखड़ी सड़कों के बाद सरकार ने निर्माण एजेंसियों सहित स्थानीय नगरीय निकाय के अधिकारियों पर भी सख्त तेवर दिखाए हैं, सरकार ने स्पष्ट किया है जो सड़कें उखड़ी हों, संबंधित विभाग के आला अधिकारी नगरी निकाय प्रमुख के माध्यम से उसे जल्दी से जल्दी सुधरवाएं, सरकार ने साफ शब्दों में कहा है कि गुणवत्ता से समझौता नहीं होगा।

मध्य प्रदेश सरकार के नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिये हैं कि आगामी त्यौहारों को देखते हुए सड़क मरम्मत से जुड़े कार्यों को विभाग प्राथमिकता दे। उन्होंने कहा कि प्रदेश के 413 नगरीय निकायों में सड़क पर बोर्ड के माध्यम से निर्माण एजेंसी और निविदा शर्तों के बारे में नागरिकों और जनप्रतिनिधियों को उससे जुड़ी आवश्यक जानकारी दी जाये। मंत्र विजयवर्गीय मंत्रालय में समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे।

बढ़ रहा है शहरी आबादी का दबाव 

कैलाश विजयवर्गीय ने बताया कि शहरी क्षेत्रों पर लगातार आबादी का दबाव बढ़ रहा है। इसका असर शहरी क्षेत्र की अधोसंरचना पर पड़ रहा है। उन्होंने इस बात को ध्यान में रखते हुए निर्माण कार्यों में गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के लिये कहा। बैठक में जानकारी दी गई कि प्रदेश में वर्तमान में 2 करोड़ 50 लाख से ज्यादा परिवार शहरी परिधि में निवास कर रहे हैं।

51 हजार करोड़ रुपये से शहरी कल्याण के कार्य

शहरी क्षेत्र प्रदेश के सकल राज्य घरेलू उत्पाद में 35 प्रतिशत से अधिक योगदान दे रहे हैं। रियल एस्टेट क्षेत्र में 8 लाख 32 हजार से अधिक किफायती घर बनकर तैयार हो चुके हैं और 10 लाख मकान निर्माणाधीन हैं। प्रदेश में अक्टूबर 2019 से अब तक लगभग 51 हजार करोड़ रुपये के निवेश से शहरी कल्याण के कार्य चल रहे हैं। इस सब को देखते हुए शहरी क्षेत्रों में अधोसंरचना पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।

सड़क निर्माण को लेकर दिशा-निर्देश

विभागीय मंत्री के निर्देश के बाद नगरीय प्रशासन एवं विकास आयुक्त संकेत भोंडवे ने सड़क निर्माण कार्य से जुड़े अमले को दिशा-निर्देश जारी किये हैं। निर्देश में कहा गया है कि सड़क निर्माण कार्य की निविदाएं केवल ई-निविदा के माध्यम से ही जारी की जायें। सड़क निर्माण की कार्ययोजना तैयार करते समय परियोजना प्रबंधन का भी प्रावधान किया जाये। इसी के साथ सड़क निर्माण कार्य की कार्ययोजना तैयार करते समय 3 वर्ष का मेंटनेंस प्रावधान आवश्यक रूप से रखा जाये। कांक्रीट सडक निर्माण के वक्त विभागीय अधिकारी आवश्यक प्रक्रिया का पालन कराया जाना सुनिश्चित करें।

नागरिकों की सुविधा का रखें ध्यान

नगरीय निकायों को दिये गये निर्देश के अनुसार सड़क निर्माण के बाद संकेतक अनिवार्य रूप से लगाये जायें। नगरीय निकायों को शहरी क्षेत्रों में सड़कों के आस-पास पौधरोपण पर भी विशेष ध्यान देने के लिये कहा गया है। सड़कों की सुरक्षा एवं स्पीड ब्रेकर निर्धारित मापदंड के अनुसार हो, यह सुनिश्चित किया जाये।

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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