कमलनाथ ने फिर लिखा शिवराज को पत्र, अब रखी ये मांग

कमलनाथ ने फिर लिखा शिवराज को पत्र, अब रखी ये मांग

भोपाल

पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह को पत्र लिखकर कोरोना लॉक डाउन के कारण लोगों को आ रही परेशानियों का जिक्र किया है। अपने पत्र में उन्होंने लिखा है कि प्रदेश के लोगों को रोज नई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है और दैनिक जीवन के उपयोग में आने वाली सामग्री प्राप्त करने में कठिनाई आ रही है। कमलनाथ ने लिखा है कि गरीब परिवारों के घरों में हर दो-चार दिन में किसी न किसी चीज की जरूरत होती है जिसकी पूर्ति करना आवश्यक है, राज्य शासन द्वारा पात्र परिवारों को उचित मूल्य की दुकानों से राशन वितरण के निर्देश दिए गए हैं लेकिन मुफ्त राशन का वितरण अभी तक प्रारंभ नहीं हुआ है।

अपने पत्र में कमलनाश ने सीएम शिवराज से आग्रह करते हुए लिखा है कि पात्र परिवारों को मुफ्त राशन वितरण तत्काल शुरू किया जाना चाहिए और नियमित राशन के अलावा आम जनता को दाल, तेल शक्कर, मसालों का भी निशुल्क वितरण उचित मूल्य दुकानों से शुरू किया जाना चाहिए। पूर्ण लॉक डाऊन के कारण अनेक स्थानों पर गेहूं पिसवान में भी समस्या आ रही है इसलिए प्रदेश की फ्लोर मिले प्रारंभ कर गेहूं को पिसवा कर वितरण की व्यवस्था भी की जानी चाहिए। पत्र के अंत में कमलनाथ ने लिखा है कि कोरोना महामारी का मुकाबला करने के लिए आमजन के सहयोग के लिए आप यह निर्णय लेने का कष्ट जरूर करेंगे।

Gaurav Sharma
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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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